सीतामढ़ी: जिलाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला विकास एवं समन्वय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त श्वेता भारती, अपर समाहर्ता संजीव कुमार समेत सभी जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे, जबकि अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं के क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए।
बैठक से अनुपस्थित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पर कार्रवाई
समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने पर रुन्नीसैदपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने उनका एक दिन का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया।
नए राशन कार्ड बनाने में तेजी लाने के निर्देश
आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि नए राशन कार्ड जारी करने के लिए 44,915 का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरुद्ध अब तक 40,142 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पात्र लेकिन छूटे हुए लाभार्थियों से जल्द आवेदन प्राप्त कर लक्ष्य पूरा किया जाए।
टीबी मुक्त भारत अभियान की होगी नियमित समीक्षा
बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को निर्देश दिया कि वे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर अभियान की प्रगति की समीक्षा करें और निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय सीमा के भीतर वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए और किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रखंड स्तर की समितियों की बैठक नियमित कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंड स्तरीय विधि-व्यवस्था समन्वय समिति तथा प्रखंड स्तरीय विकास समन्वय समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित की जाए और उसकी कार्यवाही समय पर जिला मुख्यालय को भेजी जाए।
जल संकट से निपटने की तैयारी पर विशेष जोर
संभावित जल संकट को देखते हुए जिलाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) सहित संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी चापाकलों और नल-जल योजनाओं को हर हाल में चालू रखा जाए तथा खराब योजनाओं की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने, शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने और बिजली विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा सभी प्रखंड अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर पेयजल उपलब्धता, नल-जल योजनाओं की कार्यशीलता, कृषि फीडरों के माध्यम से बिजली आपूर्ति और सामान्य विद्युत व्यवस्था का आकलन कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रखने के भी निर्देश दिए गए।
दवा दुकानों की नियमित जांच के निर्देश
बैठक में सीमावर्ती बाजारों और पंचायतों में संचालित दवा दुकानों की नियमित जांच कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि औषधियों के स्टॉक, उपलब्धता और वैध लाइसेंस का नियमित सत्यापन किया जाए, ताकि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनहित से जुड़े प्रतिष्ठानों की निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें।
