सीतामढ़ी, 11 सितंबर 2026। जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में कायाकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान के सफल संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि कायाकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर से होगी और यह मार्च 2027 तक चलेगा। अभियान के तहत प्रत्येक पंचायत से करीब 10 से 15 योजनाओं का चयन किया जाना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि चयनित योजनाओं में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित योजनाओं को भी शामिल किया जाए।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों को मिलेगा पुरस्कार
जिलाधिकारी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि SDH, CHC और PHC स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले तीन संस्थानों को जिला स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा।
बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों के बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि दीपावली से पहले सभी स्वास्थ्य संस्थानों में छोटे-छोटे बुनियादी ढांचागत सुधार, रंग-रोगन, लघु मरम्मत, साफ-सफाई और आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए।
इन सभी कार्यों को 2 अक्टूबर तक पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को अपने स्तर पर किए गए सुधार और उपलब्धियों को PPT के माध्यम से प्रस्तुत करना होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने पर जोर
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत संरचनाओं और परिसंपत्तियों को सुदृढ़ करने तथा आवश्यकता के अनुसार नई परिसंपत्तियों के निर्माण को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्य सचिव, बिहार के निर्देश के आलोक में ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं एवं परिसंपत्तियों के सुदृढ़ीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थानीय जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर लगभग 10 से 15 योजनाओं को चिह्नित किया जाए।
चयनित योजनाओं में ग्राम पंचायत से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन तथा जरूरत के अनुसार नई संरचनाओं का निर्माण शामिल होगा।
स्कूल, आंगनबाड़ी और सामुदायिक भवनों पर भी रहेगा फोकस
जिलाधिकारी ने विद्यालय भवनों और अन्य आधारभूत संरचनाओं, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा सामुदायिक भवनों के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही स्वास्थ्य उपकेंद्रों के सुदृढ़ीकरण, उन्नयन और आवश्यकता के अनुसार नए निर्माण के साथ स्थानीय जरूरतों से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं को भी प्राथमिकता देने को कहा गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का चयन करते समय स्थानीय आवश्यकता, जनहित और उपयोगिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
योजनाओं की सूची तैयार कर जिला स्तर पर देनी होगी रिपोर्ट
सभी चयनित योजनाओं की सूची तैयार कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर जिला स्तर पर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उप विकास आयुक्त श्वेता भारती को प्राप्त प्रतिवेदनों का समेकन एवं परीक्षण करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को अपने-अपने प्रखंड में इस कार्य के लिए नोडल पदाधिकारी के रूप में कार्य करने और योजनाओं के चयन की प्रक्रिया की निगरानी करने का निर्देश दिया गया।
वहीं, नई निर्माण योजनाओं के चयन से पहले भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष अभियान के तहत चयनित योजनाएं वास्तव में आवश्यक और जनोपयोगी हों तथा उनका क्रियान्वयन प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्वेता भारती, सिविल सर्जन डॉ. आरके यादव, अपर समाहर्ता राजस्व संजीव कुमार, डीआरडीए डायरेक्टर राजेश भूषण सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं, अन्य पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।
