मधुबनी। महावारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय सलहा में किशोरियों के बीच जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम किशोरी मंच की नोडल शिक्षिका चंदा कुमारी के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें पेंटिंग प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता और रेड डॉट चैलेंज जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डॉ. मीनाक्षी कुमारी ने छात्राओं को महावारी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करते हुए इस विषय पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इससे जुड़े विषयों पर बिना झिझक संवाद करना आवश्यक है। छात्राओं को समय-समय पर शैक्षणिक वीडियो भी दिखाए गए, ताकि वे पीरियड्स के दौरान सहजता और आत्मविश्वास के साथ अपना दैनिक जीवन व्यतीत कर सकें।
इस अवसर पर डॉ. मीनाक्षी कुमारी द्वारा छात्राओं के बीच सेनेटरी पैड का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को महावारी स्वच्छता, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों तथा इससे जुड़े सामाजिक मिथकों के प्रति जागरूक बनाना था।
पेंटिंग गतिविधि के दौरान छात्राओं ने माहवारी स्वच्छता और महिला स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। उन्होंने चित्रों के माध्यम से अपने विचार साझा किए और सहपाठियों के साथ चर्चा की।
किशोरी मंच एवं विद्यालय परिवार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जागरूकता सत्र, संवाद और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उन्हें स्वच्छता, स्वास्थ्यकर आदतों, सेनेटरी पैड के सुरक्षित उपयोग तथा आत्मनिर्भरता के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अपने हाथों पर रेड डॉट बनाकर माहवारी को सकारात्मक रूप से स्वीकार करने का संदेश दिया और समाज में फैली भ्रांतियों एवं मिथकों को दूर करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
विद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन किशोरियों को स्वस्थ, जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का संदेश था कि “जागरूक किशोरी ही स्वस्थ और सशक्त समाज की आधारशिला है।”
