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Author: admin
आरएसएस/बीजेपी की विचारधारा जटिल और बहुस्तरीय है। यहाँ कुछ बिंदु हैं जो इसके पीछे के कारणों पर प्रकाश डाल सकते हैं: इन मुद्दों पर जागरूकता और समझ को बढ़ावा देने के लिए आपके क्या विचार हैं? 😊
◆ ‘अय्याश अटल विशेषज्ञ और हीरा मंडी, लाहौर के मशहूर यौन अपराध विशेषज्ञ वकील माननीय Alok Tewari के प्रवचन का एक हिस्सा पढ़िए ● अटल और श्रीमती राजकुमारी हस्कर (कौल) का ‘इश्क़ 1940 के दशक में परवान चढ़ा था..अटल ने राजकुमारी कौल को लव लेटर वग़ैरह लिखे थे😃 ● मगर राजकुमारी जी के पिता कश्मीरी पंडित श्री गोविंद नारायण हस्कर को संघी अटल पसंद नही था..इसी लिए अटल और राजकुमारी की शादी नहीं हुई थी.. ● प्रोफेसर बृज नारायण कौल से राजकुमारी की शादी हुई थी..बृज नारायण दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे.. ● बा’द में प्रोफेसर बृज नारायण रामजस कॉलेज…
बाल विवाह बचाओ आंदोलन (1929 मॉडल) 🙂जब 1929 में ब्रिटिश सरकार नेमासूम बच्चियों की जान बचाने की गुस्ताख़ी करते हुएशारदा बिल ले आई—तो देश में अचानकधर्म ख़तरे में आ गया ब्राह्मण और मुस्लिम कट्टरपंथी एक सुर में बोले—“ये हमारे धार्मिक रीति-रिवाज में दखल है!”बिल की भयानक शर्तें देखिए 😂लड़की की शादी 14 साल से पहले नहींलड़के की शादी 18 साल से पहले नहीं “मतलब…अब खेलने के लिएनाबालिग बच्ची इतनी आसानी से नहीं मिलेगी ” कट्टरपंथियों को यही बात चुभ गई।क्योंकि परंपरा यही थी—बच्ची पहले दुल्हन बने,फिर माँ,फिर मरीज़,और कई बार…सीधे भगवान के पास ब्रिटिश सरकार ने सोचा—“चलो, बच्चियों की ज़िंदगी…
नोबेल शांति पुरस्कार का गोरखधंधा और जेफ़री एप्स्टीन इस व्यक्ति का नाम टोरब्युर्न यॉगलौंड है. ये नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री रहे, छह साल तक 2009 से 2015 तक नोबेल शांति पुरस्कार कमिटी के अध्यक्ष रहे और फिर काउंसिल ऑफ़ यूरोप के महासचिव रहे. इनका एप्स्टीन से गहरा नाता था और ये उसके घर और आइलैंड पर नियमित मेहमान हुआ करते थे. इन्होंने ही बराक ओबामा को विवादित नोबेल शांति पुरस्कार दिया था. 2009 से 2015 तक के पुरस्कारों पर अक्सर सवालिया निशान लगे. इसके बाद इनको अध्यक्ष पद से हटाकर केवल सदस्य रखा गया था. ऐसा कमिटी के इतिहास में…
मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत आज कांग्रेस जनों द्वारा हमारे सह प्रभारी श्री जितेंद्र बघेल जी के नेतृत्व में नारनौल लघु सचिवालय में धरना प्रदर्शन किया गया और एसडीएम के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति जी के नाम ज्ञापन सौंपा । मनरेगा केवल ग़रीब व मजदूर वर्ग के लिए रोजगार का माध्यम नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यव्स्था को सुधारने का सशक्त औजार भी है लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार ग्रामीण , दलित , महिला एवं वंचित समाज की थाली से निवाला छीनने पर तुली हुई है । इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सत्यवीर झुकिया जी , पूर्व विधायक अनिता यादव जी , किसान…
जनपद महेन्द्रगढ़ के ताज गांव स्याणा की तमन्नाएं1. लोक आशु महाकवि पं सुखीराम गुणी: उत्तर भारत के लोक आशु महाकवि पं सुखीराम गुणी जी जिनकी रचनाएं सार्वभौमिक हैं। गुणी जी के नाम से हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी पंचकूला द्वारा बड़ा सम्मान चालू किया जाए तथा केन्द्रीय साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा भी गुणी जी के नाम से बड़ा सम्मान चालू किया जाए। एक विश्वविद्यालय में गुणी जी के नाम से शोध पीठ स्थापित किया जाए।कम से कम दो दर्जन विश्वविद्यालयों में गुणी जी के साहित्य पर शोधकार्य किया जाए। गुणी जी के नाम से नारनौल से चरखी दादरी तक के…
मित्रों दो दिन से लगातार लोगों ने महाराष्ट्र के दिवंगत उप मुख्यमंत्री स्व अजीत पवार की विधवा सुनेत्रा पवार पर आलोचना और कटाक्ष की झड़ी लगा रखी है।आलोचकों का कहना है कि सनातन धर्म में पति की मृत्यु के बाद तेरह दिन तक शौक मनाने का शास्त्रोक्त नियम है। इसी नियम के आधार पर आलोचकों का कहना है कि मृतक की पत्नी ने तेरह दिन तक शोक मनाने की बजाय पति की मृत्यु के तीसरे दिन ही उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली। मित्रों इस सारे घटनाक्रम में केवल एक विधवा कसूरवार कैसे हो सकती है, जबकि उसको…
एक युग का अंत…कोशी प्रमंडल के प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ, मधेपुरा सदर अस्पताल के सिविल सर्जन रहे।मधेपुरा जिला के मुरहो गाँव के निवासी, अत्यंत सहृदय इंसान, IGIMS, पटना के अधीक्षक, अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त गैस्ट्रोसर्जन डॉ0 मनीष मंडल जी के पूज्य पिता आदरणीय डॉ0 अरुण कुमार मंडल जी का असामयिक निधन से अत्यंत दुःखी है उनके निधन से मधेपुरा में शोक की लहर है…!उनके निधन से चिकित्सा जगत को एवं समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।शत् शत् नमन विनम्र श्रद्धांजलि🙏🙏
आजकल एपस्टिन फाइल्स बहुत चर्चा में है………और इसकी वजह यह है कि यह सब तक पकड़ा गया सबसे बड़ा हाइ प्रोफाइल और घिनौना सैक्स रैकेट है…..जिसमे पांच से चौदह साल की मासूम बच्चियों के साथ बस रेप ही नहीं हुआ बल्कि उन्हें चोट पहुंचाने के साथ मार कर खाया तक गया……..और यह सब करने वाले दुनिया के बेहद अमीर,ताकतवर और हाइ क्लास के लोग थे जो दिन के उजाले में इंसान और अंधेरे में शैतान बन जाते है।लेकिन यह जो भी है वह तस्वीर का एक पहलू है तस्वीर का दूसरा पहलू किसी और ही तरफ इशारा करता है ….…
एपस्टीन फाइल में एक रुक्का ऐसा भी है जिसे पढ़कर समूचे हिंदुस्थान का रक्त उबाल मारना चाहिए किंतु ना जाने कोई भी इस रुक्के की बात नहीं करता ! इन कुख्यात फाइल में बरस २०१५ की एक ईमेल का जिक्र है जिसमें एपस्टीन ने नॉर्वे के एक राजनयिक को ईमेल भेजा – संदर्भ भारत था। राजनयिक ने उत्तर में लिखा- यदि तुम्हें सांप और भारतीय एक साथ दिखें तो सबसे पहले भारतीय को मारो। इस ईमेल, फाइल के इस रुक्के पे हर भारतीय को ऐतराज होना चाहिए। माँग करनी चाहिए कि सरकार नॉर्वे दूतावास से राजदूत तलब करें और स्पष्टीकरण…