सही कह रहे हैं जीतन भाई, बिहार आपके बाप का है
[06/05, 1:26 pm] Shyamnandankumar Buro Chief Patna: पुलिस प्रशाशन अगर बिहार में ईमानदारी से अपराधियों का पहचान करे तो मेरा दावा है कि यादवों की तुलना में बिहार में सबसे अधिक अपराधी अन्य जाति में है, फतुहा में भी यादवों से ज्यादा अपराधी अन्य जाति के लोग है, यह कटु सत्य है चाहे जिसको भुकनाहै भूक ले
[06/05, 1:29 pm] Shyamnandankumar Buro Chief Patna: वो घूंघट में थी—ये कैद नई नहीं थी
ये सदियों की साज़िश थी, कोई कहानी नहीं थी
चेहरों को देखने की इजाज़त छीन ली गई
इसलिए पहचान जूतों से ही सही थी
हर आहट में रिश्तों का बोझ टंगा मिलता
हर नाम के पीछे एक डर सा जिया मिलता
किसे इल्ज़ाम दें, किसे अपना कहें यहाँ
जहाँ रिश्ता भी रिवाज़ों तले दबा मिलता
धीरे-धीरे उसकी नज़रों ने सच मान लिया—
कि इंसान का कद बस ज़मीन तक ही रह गया
और आख़िर में उसकी ख़ामोशी ने कह दिया—
“यहाँ इंसान नहीं
बस चलते-फिरते जूते मिले।”
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