डॉ. अनिल कुमार की मौत को लेकर पत्नी ने फतुहा थाने में दिया आवेदन, जांच व प्राथमिकी की मांग
फतुहा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतुहा में चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर कार्यरत रहे डॉ. अनिल कुमार प्रभात की मौत को लेकर उनकी पत्नी सीमा कुमारी ने फतुहा थाने में लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। आवेदन में उन्होंने पति के साथ कार्यस्थल पर कथित मानसिक प्रताड़ना, जातिसूचक गाली-गलौज, अपमानजनक एवं भेदभावपूर्ण व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है।
थानाध्यक्ष को दिए आवेदन में सीमा कुमारी ने बताया है कि उनके पति वर्ष 2019 से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फतुहा में चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर कार्यरत थे। आरोप है कि कार्यस्थल पर उनके साथ डॉ. गणपत मंडल, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, डॉ. अमर (आयुष विभाग), डॉ. पवन कुमार (डेंटिस्ट), सुनीता (बीसीएम) समेत अन्य लोगों द्वारा विभिन्न अवसरों पर प्रताड़ना एवं भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता था। आवेदन में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और अपमानित करने का भी आरोप लगाया गया है।
सीमा कुमारी के अनुसार, एक घटना में उनके पति जिस कुर्सी पर बैठते थे, उसे हटवा दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के व्यवहार से उनके पति मानसिक रूप से परेशान रहते थे। आवेदन में यह भी कहा गया है कि इन घटनाओं और कार्यस्थल से संबंधित शिकायतों की जानकारी संबंधित वरीय अधिकारियों को पूर्व में लिखित रूप से दी गई थी, लेकिन उनके अनुसार अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
आवेदन में स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव विनोद पाठक, विशेष कार्य पदाधिकारी रेणु कुमारी सहित अन्य अधिकारियों की भूमिका एवं संबंधित पत्राचार की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। आवेदिका ने पुलिस से कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रोस्टर, उपस्थिति पंजी, सरकारी पत्राचार, शिकायत-पत्र और नोटशीट समेत अन्य दस्तावेज सुरक्षित कर जांच में शामिल करने का अनुरोध किया है।
सीमा कुमारी ने अपने आवेदन में कहा है कि लगातार कथित मानसिक प्रताड़ना और कार्यस्थल पर हुए व्यवहार की घटनाओं की पृष्ठभूमि में 4 सितंबर 2026 को उनके पति डॉ. अनिल कुमार प्रभात की मृत्यु हो गई। परिवार ने इन परिस्थितियों और उनकी मृत्यु के बीच संबंध की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की लागू धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही पूर्व में सिविल सर्जन, पटना को दिए गए शिकायत-पत्र को केस डायरी में शामिल करने तथा संबंधित चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कराने का अनुरोध किया है।
आवेदिका ने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
फतुहा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतुहा में चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर कार्यरत रहे डॉ. अनिल कुमार प्रभात की मौत को लेकर उनकी पत्नी सीमा कुमारी ने फतुहा थाने में लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। आवेदन में उन्होंने पति के साथ कार्यस्थल पर कथित मानसिक प्रताड़ना, जातिसूचक गाली-गलौज, अपमानजनक एवं भेदभावपूर्ण व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है।
थानाध्यक्ष को दिए आवेदन में सीमा कुमारी ने बताया है कि उनके पति वर्ष 2019 से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फतुहा में चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर कार्यरत थे। आरोप है कि कार्यस्थल पर उनके साथ डॉ. गणपत मंडल, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, डॉ. अमर (आयुष विभाग), डॉ. पवन कुमार (डेंटिस्ट), सुनीता (बीसीएम) समेत अन्य लोगों द्वारा विभिन्न अवसरों पर प्रताड़ना एवं भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता था। आवेदन में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और अपमानित करने का भी आरोप लगाया गया है।
सीमा कुमारी के अनुसार, एक घटना में उनके पति जिस कुर्सी पर बैठते थे, उसे हटवा दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के व्यवहार से उनके पति मानसिक रूप से परेशान रहते थे। आवेदन में यह भी कहा गया है कि इन घटनाओं और कार्यस्थल से संबंधित शिकायतों की जानकारी संबंधित वरीय अधिकारियों को पूर्व में लिखित रूप से दी गई थी, लेकिन उनके अनुसार अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
आवेदन में स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव विनोद पाठक, विशेष कार्य पदाधिकारी रेणु कुमारी सहित अन्य अधिकारियों की भूमिका एवं संबंधित पत्राचार की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। आवेदिका ने पुलिस से कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रोस्टर, उपस्थिति पंजी, सरकारी पत्राचार, शिकायत-पत्र और नोटशीट समेत अन्य दस्तावेज सुरक्षित कर जांच में शामिल करने का अनुरोध किया है।
सीमा कुमारी ने अपने आवेदन में कहा है कि लगातार कथित मानसिक प्रताड़ना और कार्यस्थल पर हुए व्यवहार की घटनाओं की पृष्ठभूमि में 4 सितंबर 2026 को उनके पति डॉ. अनिल कुमार प्रभात की मृत्यु हो गई। परिवार ने इन परिस्थितियों और उनकी मृत्यु के बीच संबंध की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की लागू धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही पूर्व में सिविल सर्जन, पटना को दिए गए शिकायत-पत्र को केस डायरी में शामिल करने तथा संबंधित चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कराने का अनुरोध किया है।
आवेदिका ने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
