19 सितंबर 2026 (शनिवार) को बिहार में घटी दो बेटियों के साथ अत्याचार की घटनाओं ने हमारे समाज, मीडिया और पुलिस-प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
1. जमुई घटना (कोचिंग से लौट रहे छात्रों से बदसलूकी)
* घटना: कोचिंग से घर लौट रहे 10वीं कक्षा के छात्र-छात्रा को मड़वा पहाड़ी के पास रोककर 6-7 असामाजिक तत्वों ने घेर लिया और दुर्व्यवहार किया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बिना पीड़िता की आधिकारिक शिकायत के भी मीडिया घरानों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पुलिस प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज की और मुख्य आरोपी नंदन यादव व हरेराम यादव समेत अन्य को गिरफ्तार किया।
इस मामले में 5-6 आरोपियों की संलिप्तता के बावजूद सार्वजनिक चर्चा में चुनिंदा नामों को ही हाइलाइट किया गया, बाकी *सम्राट चौधरी के रिश्तेदार* है?
मिथलेश कुमार
*पिता – नरेश चौधरी*
प्रमोद कुमार
*पिता – पंकज चौधरी*
गोलू कुमार
*पिता – सिकंदर चौधरी।*
साथ ही, केवल हाफ एनकाउंटर जैसी कार्रवाई से कानूनी प्रक्रिया की पूर्णता पर सवाल उठते हैं।
*2. बेलछी, पटना घटना (10-12 वर्षीय मासूम मौसम कुमारी की निर्मम हत्या व दुष्कर्म)**
घटना व पीड़िता ग्राम लाखाचक (थाना बेलछी, जिला पटना) निवासी अजय कुमार यादव की 10-12 वर्षीय मासूम बेटी मौसम कुमारी खेत से घास लाने गई थी।
टमाटर सिंह के खेत की आरी पर बच्ची की नग्न, खून से लथपथ लाश मिली, जिसका गला हंसुआ से काट दिया गया था और दुष्कर्म की भी प्रबल आशंका जताई गई।
पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई लिखित प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, घटना का मुख्य आरोपी कामो सिंह (पिता- शिवकुमार सिंह, ग्राम- छौरिया, थाना- बेलछी) है, जिसे परिजनों व ग्रामीणों ने घटना स्थल के पास देखा था।
एक गरीब परिवार की बेटी होने और कोई ‘वायरल वीडियो’ न होने के कारण बड़े मीडिया घरानों और यूट्यूबर्स ने इस दिल दहला देने वाले अपराध पर चुप्पी साध ली। केवल जांच का आश्वासन काफी नहीं है—इस नरपिशाच कामो सिंह और इसमें शामिल अपराधियों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई के बिना फुल एनकाउंटर या त्वरित फांसी की कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।
अगर किसी गरीब की बेटी के साथ हुए जघन्य अपराध का वीडियो इंटरनेट पर ट्रेंड नहीं करता, तो क्या उसे न्याय की मांग का अधिकार नहीं है?मीडिया और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स केवल उन्हीं मुद्दों पर ध्यान क्यों केंद्रित करते हैं जहाँ व्यूज और ट्रेंडिंग टॉपिक का फायदा मिले?
अपराध चाहे जमुई का हो या बेलछी का, अपराधियों के खिलाफ निष्पक्ष और कठोरतम कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। बेलछी में मासूम मौसम कुमारी के हत्यारे और बलात्कारी को बख्शा नहीं जाना चाहिए और सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए।
न्याय किसी का अहसान या मीडिया ट्रेंड नहीं, बल्कि हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। जब तक बिहार सरकार और पुलिस-प्रशासन हर बेटी के साथ हुए अपराध को एक समान गंभीरता से नहीं लेंगे और अपराधियों का खात्मा करने वाली कठोर कार्रवाई सुनिश्चित नहीं करेंगे, तब तक कानून के राज का दावा अधूरा ही रहेगा।