प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक : 01 जुलाई 2026
जिलाधिकारी सीतामढ़ी श्री रिची पांडे द्वारा आज मेजरगंज प्रखंड अंतर्गत बहेरा पंचायत के वार्ड संख्या-10 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने केंद्र पर उपलब्ध बच्चों एवं लाभार्थियों से संबंधित अभिलेखों, पोषण सेवाओं, पूरक पोषाहार वितरण, बच्चों की उपस्थिति तथा पोषण ट्रैकर ऐप पर की जा रही प्रविष्टियों की समीक्षा की। जांच के दौरान यह पाया गया कि पोषण ट्रैकर पर बच्चों की विवरणी से संबंधित आंकड़ों की गलत प्रविष्टि की गई थी। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित सीडीपीओ को कड़ी फटकार लगाते हुए पोषण ट्रैकर पर सभी लाभार्थियों एवं बच्चों की विवरणी का सत्यापन कर सही एवं अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर संचालित सभी सेवाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएं तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर पर दर्ज आंकड़े सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं नीति निर्माण का महत्वपूर्ण आधार होते हैं, इसलिए डेटा की शुद्धता एवं अद्यतनता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र पर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान कर उनका विशेष अनुश्रवण किया जाए। साथ ही गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को समय पर पोषण परामर्श एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि पूरक पोषाहार का वितरण पारदर्शी एवं नियमित रूप से किया जाए तथा केंद्र पर उपलब्ध वजन मशीन, ऊंचाई माप उपकरण एवं अन्य संसाधनों का उपयोग करते हुए बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी की जाए।
उन्होंने केंद्र परिसर की स्वच्छता, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था को संतोषजनक बनाए रखने तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा उपलब्ध कराने एवं अभिभावकों को बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने पर बल दिया।
निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी रिची पांडे ने आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित गोद भराई कार्यक्रम में भी सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया तथा स्वस्थ मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए संचालित सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया।
