राष्ट्रीय किसान मोर्चा, बिहार इकाई के तत्वावधान में पटना जिले के खुसरूपुर प्रखंड अंतर्गत चौड़ा गांव में एक दिवसीय परिचय, सम्मान एवं चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में किसान और कृषि श्रमिक शामिल हुए। शिविर का मुख्य उद्देश्य बिहार के किसानों की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थिति पर गंभीर मंथन करना तथा उनकी प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए रणनीति तैयार करना रहा।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम नंदन कुमार यादव, राष्ट्रीय महासचिव विपिन चौधरी, प्रदेश महासचिव विनोद कुमार सिंह यादव (मधुबनी), प्रदेश महासचिव रविंद्र कुमार सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष उत्तम सिंह बाल्यान, रूपेश सिंह कुंतल, खुसरूपुर प्रखंड अध्यक्ष सुरेश यादव, शंभूशरण सिंह यादव, सूरज कुमार यादव, पुनीत सिंह, जगवीर सिंह, प्रदेश महासचिव सोनू राय (मधेपुरा), पटना जिला अध्यक्ष अरविंद सिंह, पद्माकर जी (अयोध्या, उत्तर प्रदेश), राजकुमार यादव उर्फ गुड्डू यादव, प्रो. शारदा यादव, लक्की चौधरी, अरविंद यादव, जयराम यादव, दिलीप यादव, नरेश बिंद सहित सैकड़ों किसान एवं मजदूर उपस्थित रहे।
सभा की अध्यक्षता विश्वनाथ यादव ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम नंदन कुमार यादव ने किया। आयोजन के दौरान सभी अतिथियों का अंगवस्त्र (शॉल) एवं पुष्पहार पहनाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश महासचिव रविंद्र कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया।
चिंतन शिविर में बिहार के किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने उत्तर बिहार को हर वर्ष प्रभावित करने वाली कोसी नदी की बाढ़ से किसानों को स्थायी राहत दिलाने के लिए प्रभावी उपाय करने की मांग उठाई। साथ ही राज्य की बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने, मखाना, मक्का, बांस, पटसन (जूट) जैसे कृषि उत्पादों के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से विशेष पहल करने की अपील की गई।
बैठक में फतुहा-बड़हिया टाल योजना को शीघ्र लागू करने की भी मांग की गई। इसके अलावा किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधाएं, निर्बाध बिजली आपूर्ति, उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने सहित कृषि लागत कम करने से जुड़े विषयों पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में यह निर्णय लिया गया कि बिहार के किसानों की प्रमुख समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। इसके लिए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सरोहा को अधिकृत किया गया। वहीं राष्ट्रीय महासचिव विपिन चौधरी ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
बैठक के दौरान संगठन के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक संगठन को मजबूत बनाकर किसानों की आवाज को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा। इसके लिए सदस्यता अभियान तेज करने और ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन की सक्रियता बढ़ाने का भी आह्वान किया गया।
