हैदराबाद में फिल्म से पहले लंबे लंबे विज्ञापन दिखाना एक मूवी थियेटर को भारी पड़ गया है। हैदराबाद के एक उपभोक्ता आयोग ने मूवी थियेटर पर कॉमर्शियल विज्ञापनों और प्रोमोशनल कंटेंट की वजह से फिल्म की स्क्रीनिंग में देरी होने के लिए 75 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
शिकायत करने वाले व्यक्ति ने बताया कि इस देरी के कारण उनका पूरा शेड्यूल बिगड़ गया और वे उम्मीद से एक घंटा देर यानी सुबह 3 बजे घर पहुंचे। पीड़ित व्यक्ति ने इसे ‘सेवा में कमी’ बताते हुए उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया
आयोग ने शिकायतकर्ता की शिकायत सही मानी
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 11 सितंबर, 2026 को इस पूरे मामले पर सुनवाई की और फैसला सुनाते हुए शिकायतकर्ता को सही ठहराया। आयोग ने माना कि जन-जागरूकता वाली स्वीकृत फिल्मों की अधिकतम सीमा दो मिनट तक ही हो सकती है।
सिनेमाघर ने अपने व्यावसायिक फायदे के लिए दर्शकों का समय बर्बाद किया, जो अनुचित व्यापार व्यवहार में आता है। इस पूरे मामले पर सिनेमाघर प्रबंधन ने दलील दी कि विज्ञापन और ट्रेलर्स बिजनेस ऑपरेशन और जनसेवा का हिस्सा है, लेकिन आयोग ने इस बचाव को खारिज कर दिया।
आयोग ने सिनेमाघर पर लगाया 75 हजार रुपए का जुर्माना
इस पूरे मामले पर उपभोक्ता आयोग ने सिनेमाघर पर कुल 75 हजार रुपए का जुर्माना लगाया, आयोग ने 20 हजार रुपए मानसिक परेशानी और असुविधा के लिए शिकायतकर्ता को बतौर मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया,
वहीं 5 हजार रुपए मुकदमे के खर्च के लिए, 50 हजार रुपए पेनल्टी के रूप में जिला उपभोक्ता
वहीं 5 हजार रुपए मुकदमे के खर्च के लिए, 50 हजार रुपए पेनल्टी के रूप में जिला उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का भी निर्देश दिया। ताकि भविष्य में मूवी थियेटर ऐसी गलती न दोहराएं।
