सीतामढ़2ी: जिले में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की तस्करी एवं दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के नोडल पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस उपाधीक्षक मो. नजीब अनवर ने एसएसबी, शिक्षा, कल्याण, औषधि नियंत्रण, वन प्रमंडल तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ जिले में नशे के खिलाफ संयुक्त रणनीति पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करते हुए नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार तथा उनके दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना रहा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नशे के खतरे को रोकने के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ ठोस और प्रभावी कदम उठाएं।
पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर तक चलेगा अभियान
वरीय पुलिस उपाधीक्षक मो. नजीब अनवर ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, मद्य निषेध और वन विभाग के सहयोग से व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले में ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों और पॉकेट्स की पहचान की जाए, जहां नशीले पदार्थों की गतिविधियों की आशंका अधिक है, ताकि वहां विशेष निगरानी रखी जा सके।
सीमा क्षेत्रों की दवा दुकानों पर विशेष नजर
बैठक में सहायक औषधि निरीक्षक को जिले की सभी दवा दुकानों, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित मेडिकल स्टोर्स, की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि दवा दुकानों का औचक निरीक्षण किया जाए, उनके स्टॉक का सत्यापन किया जाए तथा संदिग्ध दवाओं की जांच सुनिश्चित की जाए।
नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
सहायक औषधि निरीक्षक को निर्देशित किया गया कि दवा दुकानों पर की गई कार्रवाई की नियमित रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाए कि कितनी अवैध दवा दुकानों को सील किया गया, कितनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और कितने लाइसेंस रद्द किए गए।
बॉर्डर इलाकों पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में यह भी तय किया गया कि नेपाल सीमा से जुड़े प्रखंडों और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अंतरविभागीय समन्वय के माध्यम से नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए, ताकि जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस परिणाम हासिल किए जा सकें।
