मधुबनी: राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (Government Engineering College-GEC), मधुबनी के स्टार्टअप सेल द्वारा बिहार सरकार के उद्योग विभाग के सहयोग से “Pitch Deck Preparation” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और नवोदित उद्यमियों को अपने स्टार्टअप आइडिया को निवेशकों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की तकनीकों और आवश्यक कौशल से परिचित कराना था।
कार्यशाला की मुख्य वक्ता प्रो. प्रिया नाथ, फैकल्टी, CIMP एवं कार्यकारी निदेशक, TiE Patna रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि एक प्रभावी और निवेशक-अनुकूल पिच डेक तैयार करने के लिए किन प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने स्टार्टअप की समस्या, समाधान, बाजार की संभावनाएं, वित्तीय योजना और भविष्य की विकास रणनीति को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने की विस्तृत जानकारी दी। उनके व्यावहारिक उदाहरणों और अनुभवों ने प्रतिभागियों को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राणा प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को नवाचार और उद्यमिता को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी रचनात्मक सोच और तकनीकी नवाचार के माध्यम से समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान विकसित कर सकते हैं तथा विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इंचार्ज प्रो. शशांक सौरभ ने कहा कि जिन विद्यार्थियों के पास नए और उपयोगी स्टार्टअप आइडिया हैं, उनके लिए स्टार्टअप सेल हर स्तर पर मार्गदर्शन, मेंटरशिप और आवश्यक सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने छात्रों से सरकारी योजनाओं और संस्थान द्वारा उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
जिला स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर कुमार हार्दिक ने निवेशकों के सामने प्रभावशाली प्रस्तुति (Pitching) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक मजबूत पिच निवेश, मेंटरशिप और व्यावसायिक अवसर प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाती है। साथ ही उन्होंने बिहार स्टार्टअप नीति-2022 के तहत उपलब्ध मेंटरशिप, इन्क्यूबेशन, वित्तीय सहायता और अन्य प्रोत्साहनों की जानकारी देते हुए युवाओं को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी के महाप्रबंधक अमित विक्रम भारद्वाज ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न MSME योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और वित्तीय सहायता के माध्यम से लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी स्थानीय उद्यमियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
इस कार्यशाला में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, संकाय सदस्यों और नवोदित उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन को विद्यार्थियों में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।
