सीतामढ़ी। भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा और विकास के विभिन्न मुद्दों को लेकर जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में शनिवार को एनआईसी कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, तस्करी पर रोक, अवैध गतिविधियों के नियंत्रण और सीमावर्ती इलाकों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

बैठक में एसएसबी की 20वीं और 51वीं बटालियन के अधिकारी भी शामिल हुए। एसएसबी की ओर से वॉच टावर निर्माण समेत अन्य कार्यों के क्रियान्वयन से संबंधित बिंदुओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों को लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

नो-मैन्स लैंड से अतिक्रमण हटाने के निर्देश

बैठक में भारत-नेपाल सीमा पर घोषित नो-मैन्स लैंड में बचे हुए अतिक्रमण को हटाने पर विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने जाली भारतीय मुद्रा के प्रचलन पर प्रभावी रोक लगाने के साथ साइबर फ्रॉड और अवैध दूरसंचार से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सीमा क्षेत्र में ट्रकों के नियमित आवागमन की जांच, वाहन चालकों की निर्गत अनुज्ञप्तियों का सत्यापन, आधार कार्ड की जांच और जीएसटी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को संयुक्त अभियान चलाने को कहा गया।

दवा, पीडीएस और उर्वरक दुकानों की नियमित जांच

जिलाधिकारी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में दवा दुकानों, पीडीएस दुकानों और उनके लाभुकों, उर्वरक के थोक एवं खुदरा विक्रेताओं तथा बैंकों में स्थापित सीएमडी मशीनों समेत अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की नियमित जांच कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि संवेदनशील सीमा क्षेत्र में किसी भी तरह की अनियमितता या अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।

म्यूल बैंक खातों और फर्जी कंपनियों पर नजर

बैठक के दौरान म्यूल बैंक खातों के जरिए होने वाले वित्तीय अपराधों और फर्जी कंपनियों के संचालन से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने ऐसे मामलों की गहनता से जांच कर दोषी लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू करने तथा मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।

वाइब्रेंट विलेज में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

सीतामढ़ी के सीमावर्ती क्षेत्रों में चिन्हित वाइब्रेंट विलेज में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी एवं विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सीमावर्ती गांवों में विकास कार्यों के साथ-साथ लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए।

मानव और पशु तस्करी पर पैनी नजर रखने के निर्देश

बैठक में सीमावर्ती प्रखंडों की सुरक्षा व्यवस्था, तस्करी की रोकथाम, मानव तस्करी, पशु तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों की स्थिति का भी विस्तृत आकलन किया गया।

जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने कहा कि सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता बरतनी होगी। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को नियमित गश्ती बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। सीमा क्षेत्र में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और विकास को प्रभावी तरीके से सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता और तत्परता के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया।

बैठक में एसएसबी के अधिकारियों के साथ पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

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