समाहरणालय, सीतामढ़ी
जन संपर्क प्रशाखा
प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक–30 सितंबर 2026
जिलाधिकारी ने सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), बाजपट्टी का किया निरीक्षण, विद्यार्थियों से संवाद कर लिया फीडबैक
जिले के सभी 21 मॉडल विद्यालयों में बुधवार को शैक्षणिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत नामित नोडल पदाधिकारी अपने-अपने विद्यालयों में पहुंचे और विद्यार्थियों के साथ संवाद कर शैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता की। इस दौरान विद्यालयों में उपलब्ध शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लेने के साथ-साथ विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया गया। अभिभावक-छात्र संवाद कार्यक्रम, शैक्षणिक जागरूकता गतिविधियों एवं अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। 
इसी क्रम में जिलाधिकारी, सीतामढ़ी श्री तनय सुल्तानिया ने सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), बाजपट्टी पहुंचकर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था एवं उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय के विभिन्न कक्षों एवं शैक्षणिक संसाधनों का अवलोकन करते हुए विद्यालय प्रबंधन से शिक्षण व्यवस्था तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
सरकार द्वारा जिले में 21 मॉडल विद्यालयों का निर्माण कराया गया है। इन विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय सहित विभिन्न आधुनिक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन, प्रयोग एवं ज्ञान-विस्तार के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल शिक्षण व्यवस्था, पुस्तकालय सहित अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों का जायजा लिया। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों के उपयोग की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही विद्यालय में पेयजल, विद्युत, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का भी निरीक्षण किया।
विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर जाना पढ़ाई का अनुभव
जिलाधिकारी ने विद्यालय की कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से सहज संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, रुचि के विषय, विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं तथा शिक्षण के दौरान आने वाली कठिनाइयों के संबंध में जानकारी ली। जिलाधिकारी द्वारा बच्चों से सीधे संवाद किए जाने पर विद्यार्थी उत्साहित नजर आए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने कहा कि मॉडल स्कूलों की सार्थकता केवल आधुनिक भवन और संसाधनों की उपलब्धता में नहीं, बल्कि इन संसाधनों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर सीखने का वातावरण उपलब्ध कराने में है। प्रत्येक बच्चे को अपनी क्षमता और प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता एवं सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने तथा उन्हें नियमित अध्ययन के साथ अपने लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों को उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा जिन विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है, उन पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना का विकास महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, विद्यार्थियों की प्रतिभा का विकास, अनुशासन, रचनात्मक सोच एवं सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने विद्यालय की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार एवं विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी, पुपरी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह सहित संबंधित पदाधिकारी, विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित रहे।
