12 अगस्त 2026 को कॉलेज में आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान बाल मजदूरी और बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक कुरीतियों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार और डॉ. प्रवीण कुमार मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके जीवन, शिक्षा और भविष्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल मजदूरी और बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्याओं की गंभीरता से अवगत कराना तथा इनके खिलाफ जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।
विद्यार्थियों ने रखे अपने विचार
कार्यक्रम की शुरुआत बाल मजदूरी और बाल विवाह जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता एवं विचार-विमर्श के साथ हुई। विद्यार्थियों ने इन सामाजिक समस्याओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि कम उम्र में बच्चों को शिक्षा और अपने सपनों से वंचित कर मजदूरी या विवाह के लिए मजबूर करना उनके अधिकारों का हनन है।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों को समझाया कि बच्चों का स्थान कार्यस्थल पर नहीं, बल्कि विद्यालय और शिक्षा के वातावरण में होना चाहिए। शिक्षा और सुरक्षित वातावरण बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव हैं।
भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर
कार्यक्रम के दौरान भाषण, चित्रकला और नुक्कड़ नाटक सहित कई गतिविधियां आयोजित की गईं। भाषण प्रतियोगिता में CECA Branch के आदित्य कुमार ने प्रथम स्थान हासिल किया।
चित्रकला प्रतियोगिता में CECA Branch के अभिनव एवं आदित्य ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं ऋतु राज और आशीष कुमार ने द्वितीय तथा आयुष कुमार ने तृतीय स्थान हासिल किया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता का भी परिचय दिया।
नुक्कड़ नाटक ने दिया प्रभावी संदेश
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली आकर्षण नुक्कड़ नाटक रहा, जिसका निर्देशन आदित्य कुमार ने किया। नाटक के माध्यम से बाल मजदूरी और बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्याओं, उनके कारणों तथा बच्चों के भविष्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कलाकारों ने अपने अभिनय और संवादों के जरिए दर्शकों को जागरूक करते हुए बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन उपलब्ध कराने का संदेश दिया। नाटक ने उपस्थित विद्यार्थियों और दर्शकों को इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
सामाजिक जिम्मेदारी का दिया संदेश
कार्यक्रम में आयोजित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता भी दिखाई। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बाल मजदूरी और बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाना केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अंत में यह इंडक्शन कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव रहा। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा देने, बच्चों के अधिकारों का सम्मान करने और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए समाज की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया गया।
यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति मिलकर बाल मजदूरी और बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाए, जागरूकता फैलाए और बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दे, तो एक ऐसे समाज का निर्माण संभव है, जहां प्रत्येक बच्चा सुरक्षित, शिक्षित और अपने सपनों को पूरा करने के लिए स्वतंत्र हो।#ChildLabour #ChildMarriage #AwarenessProgram #ChildRights #EducationForAll #SocialAwareness #InductionProgram #StudentAwareness #ChildProtection #SocialResponsibility
