प्रेस विज्ञप्ति

निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में ड्रग रेजिस्टेंस ट्यूबरक्लोसिस (DR-TB) प्रबंधन को सुदृढ़ करने हेतु क्षमता निर्माण बैठक आयोजित

दिनांक :- 15/03/2026
समय :- संध्या 6:00 बजे से
स्थान :- होटल सितायन, रेलवे स्टेशन रोड, सीतामढ़ी I

यह कार्यक्रम सिविल सर्जन, सीतामढ़ी डॉ. अखिलेश कुमार के मार्गदर्शन एवं समर्थन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सिविल सर्जन ने अपने संबोधन में कहा कि क्षय रोग के अधिकांश मरीज प्रारंभ में निजी क्षेत्र में ही उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसलिए टीबी एवं DR-TB की समय पर पहचान और सही प्रबंधन सुनिश्चित करने में निजी चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. जेड. जावेद द्वारा Hindustan Latex Family Planning Promotion Trust (HLFPPT) के सहयोग से जिले के निजी चिकित्सकों के साथ एक क्षमता निर्माण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का उद्देश्य निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी (DR-TB) के प्रभावी प्रबंधन को सुदृढ़ करना तथा प्रारंभिक जांच, प्री-ट्रीटमेंट मूल्यांकन और मानकीकृत उपचार को बढ़ावा देना था। डॉ. जेड. जावेद ने बताया कि सभी संभावित टीबी मरीजों के लिए CBNAAT या Truenat जैसी आणविक जांच करवाना अत्यंत आवश्यक है, जिससे दवा प्रतिरोध (Drug Resistance) का शीघ्र पता लगाया जा सके। यह जांच जिला टीबी केंद्र सहित जिले के 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है और सभी संदिग्ध मरीजों के लिए नि:शुल्क प्रदान की जाती है। बैठक में ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी के उपचार से पहले प्री-ट्रीटमेंट इवैल्यूएशन (PTE) की महत्ता पर विशेष जोर दिया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से मरीज की चिकित्सीय स्थिति का आकलन किया जाता है, सह-रोगों की पहचान की जाती है और मरीज के लिए उपयुक्त उपचार पद्धति का चयन किया जाता है, जिससे उपचार के परिणाम बेहतर होते हैं तथा मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। बैठक के दौरान National TB Elimination Programme (NTEP) के अंतर्गत उपलब्ध मानकीकृत उपचार पद्धतियों की भी जानकारी दी गई। इनमें BPaLM रेजीमेन (6 माह), शॉर्टर ओरल रेजीमेन (9–11 माह) और लॉन्गर ओरल रेजीमेन (18–20 माह) शामिल हैं। ये सभी दवाएं राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत नि:शुल्क तथा गुणवत्ता सुनिश्चित रूप में उपलब्ध कराई जाती हैं।
बैठक में इंडियन मेडिकल एशोसियेशन के अध्यक्ष डॉ निर्मल कुमार गुप्ता ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को मजबूत करने और राष्ट्रीय उपचार दिशा-निर्देशों के पालन को बढ़ावा देने के लिए निजी चिकित्सकों की ओर से निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में पूर्व जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार ने DR-TB मरीजों के प्रबंधन के अनुभव पर अपने विचार साझा करते हुए बताया कि समय पर पहचान, सही उपचार, नियमित फॉलो-अप तथा मरीजों की प्रभावी काउंसलिंग DR-TB के सफल उपचार के लिए अत्यंत आवश्यक है।
बैठक का संचालन सहयोगी संस्था Hindustan Latex Family Planning Promotion Trust (HLFPPT) के प्रतिनिधि चतुरानंद ठाकुर (प्रोजेक्ट लीड), मेजर डॉ प्रियंका अग्रवाल, (टेक्निकल एक्सपर्ट DR-TB), डॉ किशोर रेड्डी (लैब टेक्निकल एक्सपर्ट), श्री आकाश कुमार ( राज्य कार्यक्रम प्रबंधक) एवं WHO Consultant डॉ. मेजर अवकाश सिन्हा द्वारा किया गया।
HLFPPT के प्रतिनिधि मेजर डॉ. प्रियंका अग्रवाल एवं डॉ. किशोर रेड्डी के साथ जिला कलस्टर-कोऑर्डिनेटर श्री कृष्ण मोहन ने जिला स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर टीबी सेवाओं को बेहतर बनाने तथा निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में भाग लेने वाले चिकित्सा निम्नांकित है- डॉ (कैप्टन) राम प्रसाद सिंह, डॉ शंभू प्रसाद पाण्डेय, डॉ निर्मल कुमार सिंह, डॉ श्रीमती लता गुप्ता, डॉ एस के शर्राफ, डॉ एम बी सिंह, डॉ मुकेश कुमार, डॉ दीपक कुमार, डॉक्टर एस पी झा, डॉ प्रवीण कुमार, डॉ संजीव कुमार, डॉ असित कुमार, डॉ हर्ष वर्धन, डॉ मनीष कुमार, डॉ ए पी झा, डॉ शिवम् कुमार, डॉ विकास कुमार, डॉ मो. अली सहित शहर के अन्य गणमान्य चिकित्सक उपस्थित हुए ।
कार्यक्रम के सहयोग में जिला यक्ष्मा केंद्र से श्री रंजन शरण (DEO सह लेखापाल), श्री रंजय कुमार (DPC), सुश्री नोइदा खातून (DPS), मो. शमीम आजाद (LT- CBNAAT DTC), श्री कामेश्वर कुमार रवि (LT), अभिषेक कुमार (DC-PPSA) आदि उपस्थित थे I कार्यक्रम का समापन सभी हितधारकों की इस सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ कि सीतामढ़ी जिले में प्रत्येक टीबी एवं DR-TB मरीज को समय पर जांच, उचित मूल्यांकन और मानकीकृत उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

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