पंचायत योजनाओं में वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितता पर प्रशासन सख्त, पंचायत सचिव एवं राजस्व कर्मचारी का दो वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयात्मक रूप से रोक
मधुबनी,
05 नवंबर 2026
जिले में पंचायत स्तर पर संचालित विकास योजनाओं में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। पंचायतों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, अभिलेखों के संधारण तथा वित्तीय कामकाज मे अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए पंचायत सचिव एवं राजस्व कर्मचारी से संबंधित मामलों में विस्तृत जांच प्रतिवेदन के आधार पर विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया बढाते हुए सख्त कार्रवाई की गई है। 
जांच प्रतिवेदन में पंचायत सचिव के कार्यकाल के दौरान विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रक्रियागत एवं वित्तीय अनियमितता से संबंधित बिंदुओं को उठाया गया है। जांच में योजनाओं से संबंधित अभिलेखों, भुगतान प्रक्रिया, प्रशासनिक स्वीकृति, मापी पुस्तिका, उपयोगिता प्रमाण पत्र तथा कार्यों के निष्पादन से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की गई।
पहले मामले में तत्कालीन पंचायत सचिव श्री चन्देश्वर पाठक तत्कालीन पंचायत सचिव कलुआही, संप्रति जयनगर से संबंधित प्रकरण की जांच में पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं वित्तीय अभिलेखों से जुड़ी कई अनियमितताएँ पाई गई । जांच प्रतिवेदन में योजनाओं के अभिलेखों के संधारण, कार्यों के निष्पादन एवं वित्तीय प्रक्रियाओं में निर्धारित नियमों के अनुपालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पंचायत सचिव का दो वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ असंचयात्मक रूप से रोक दिया गया है।
वहीं, दूसरे मामले में तत्कालीन राजस्व कर्मचारी घोघरडीहा संप्रति लदनियाँ अंचल श्री नजीर अहमद द्वारा जमाबंदी रद्दीकरण के बावजूद दाखिल खारिज करने के मामले मे अनियमितता की गई। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के रूप में अपर समाहर्ता विभागीय जांच तथा उपस्थापन पदाधिकारी के रूप में अंचल अधिकारी घोघरडीहा रहे। जांचोंपरांत दोषी पाए जाने पर जिला पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित राजस्व कर्मचारी का दो वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयात्मक रूप से रोक दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा है कि पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में वित्तीय पारदर्शिता एवं जवाबदेही सर्वोपरि है। सरकारी राशि का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप होना चाहिए। योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अभिलेखों में गड़बड़ी अथवा सरकारी राशि के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पंचायत स्तर पर संचालित सभी विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करें। योजनाओं से संबंधित अभिलेखों, भुगतान, कार्यों की वास्तविक स्थिति तथा उपयोगिता प्रमाण पत्रों की गहन जांच की जाए। जहां भी अनियमितता सामने आए, वहां जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभुकों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे तथा पंचायत स्तर पर कार्यरत सभी पदाधिकारी एवं कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं जवाबदेही के साथ करें।
