रोहित कुमार, चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में आप सरकार ड्रग मनी से चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा तस्कर को पुलिस की कथित लापरवाही के कारण डिफाल्ट जमानत मिल गई। मजीठिया ने दावा किया कि यह मामला सरकार और नशा तस्करों के बीच मिलीभगत को उजागर करता है।
चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मजीठिया ने कहा कि लवप्रीत सिंह आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता होने के साथ-साथ ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान में वरिष्ठ पदाधिकारी भी था। मजीठिया के मुताबिक, लवप्रीत को इसी साल 18 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 80 करोड़ रुपये कीमत की आठ किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, बाद में बरामदगी को घटाकर 4.5 किलो कर दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि लवप्रीत को जेल से बाहर निकालने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया गया। सबसे पहले उसे गिरफ्तार करने वाले एसएचओ का तबादला किया गया और इसके बाद एसएसपी ने मामले में चालान पेश करने में देरी की।
मजीठिया ने कहा कि पुलिस ने 180 दिन की निर्धारित अवधि समाप्त होने से तीन दिन पहले चालान पेश करने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा था। ये तीन दिन छुट्टियां होने के कारण अदालत से समय बढ़ाने की अनुमति नहीं मिल सकी और इसका लाभ लवप्रीत को मिला। उसे डिफाल्ट जमानत मिल गई।
चलान पेश करने में हुई देरी
मजीठिया ने कहा कि अदालत में अभियोजन पक्ष ने चालान पेश करने में देरी का कारण एफएसएल रिपोर्ट का लंबित होना बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एफएसएल विभाग भी गृह मंत्री के अधीन आता है तो रिपोर्ट समय पर क्यों नहीं आई? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर ऐसा रवैया अपनाया, जिससे आरोपी को जमानत मिल सके।
अकाली नेता ने दावा किया कि पंजाब में इसी तरीके से नशा तस्करी के मामलों को कमजोर किया जा रहा है। उनके मुताबिक, मजबूत मामलों को कमजोर करने के बदले करोड़ों रुपये आम आदमी पार्टी के नेतृत्व तक पहुंचाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि प्रदेश में नशे का कारोबार लगातार बढ़ रहा है।
मजीठिया ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जरूरत के मुताबिक नशा तस्करों की संपत्तियों पर बुलडोजर नहीं चला रही है। उन्होंने कहा कि लवप्रीत की संपत्तियां अब तक जब्त नहीं की गईं। इसके विपरीत सरकार के राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ पुलिस नशा रखने के झूठे मामले दर्ज कर रही है। उन्होंने खन्ना में सामने आए एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि वहां की घटना कैमरे में भी कैद हुई थी।
