मधुबनी: पर्यावरण संरक्षण और जल-संरक्षण के प्रति बच्चों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वाट्सन मध्य विद्यालय, मधुबनी में ‘पेड़ लगाओ–जीवन बचाओ’ विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। वाट्सन मध्य विद्यालय और जिला गंगा समिति (नमामि गंगे), मधुबनी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा के जरिए प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नदियों की स्वच्छता और वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता विकसित करना था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी पेंटिंग के माध्यम से पेड़-पौधों की हरियाली, स्वच्छ जल, नदियों के संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, वृक्षारोपण और स्वस्थ पर्यावरण जैसे विषयों को चित्रों में उकेरा।
बच्चों की कलाकृतियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी का भाव भी नजर आया। उनकी रचनात्मक अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रभावशाली बनाया।
पूजा कुमारी ने हासिल किया पहला स्थान
पेंटिंग प्रतियोगिता में पूजा कुमारी ने प्रथम, शबा परवीन ने द्वितीय और खुशबू कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं आयुष कुमार, काजल कुमारी, निवेदिता कुमारी, आरुषि कुमारी और कविता कुमारी समेत अन्य विद्यार्थियों की पेंटिंग भी सराहनीय रही।
सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया।
रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों में बढ़ेगी पर्यावरण के प्रति समझ
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाध्यापक मीरा कुमारी ने की। उन्होंने कहा कि बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए विद्यालय स्तर पर इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने अपनी पेंटिंग के माध्यम से पेड़-पौधों, जल और प्रकृति के संरक्षण का जो संदेश दिया है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना बचपन से ही विकसित करना आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की विशिष्ट शिक्षिका कुमारी पुष्पम ने किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्र से की जा सकती है। उन्होंने बच्चों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
उन्होंने विद्यार्थियों से जल की बर्बादी रोकने, नदियों को स्वच्छ रखने और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने का भी आह्वान किया।
विद्यार्थियों ने ली जल और पर्यावरण संरक्षण की शपथ
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को नदियों की निर्मलता, अविरलता और पवित्रता बनाए रखने के साथ जल एवं पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता के प्रति हमेशा सजग रहने की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर डीपीओ नमामि गंगे आनंद अंकित ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन और पर्यावरण के आधार हैं। केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जिला गंगा समिति (नमामि गंगे) का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को जल, नदी तथा पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना और उनमें प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।
डीपीओ आनंद अंकित ने कहा कि आज के बच्चे ही भविष्य के समाज का निर्माण करेंगे। ऐसे में उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और प्रकृति संरक्षण की भावना विकसित करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बच्चों ने पेंटिंग के माध्यम से ‘पेड़ लगाओ–जीवन बचाओ’ का जो संदेश दिया है, वह महज एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है। यह समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक और प्रेरित करने वाला महत्वपूर्ण संदेश है।
शिक्षकों ने आयोजन को सफल बनाने में निभाई भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक मनीष कर्ण, मीरा गुप्ता, शर्मीली कुमारी, नीलोफर अशरफ, शबाना परवीन, बबीता कुमारी, दीक्षा कुमारी और नासर कौसर सहित विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
