समाहरणालय, मधुबनी

जिला जनसम्पर्क कार्यालय

प्रेस विज्ञप्ति

दिनांक – 17/04/2026

जिलाधिकारी, आनंद शर्मा के द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की सुसंगत धाराओं में निहित शक्तियों के आलोक में जिले के सभी सरकारी, विद्यालयों/महाविद्यालयों के लिए कई प्रतिबंधात्मक आदेश निर्गत।*

———-शैक्षणिक अवधि में किसी भी शिक्षक/छात्र-छात्रा, बाहरी व्यक्ति या कर्मचारी द्वारा शैक्षणिक परिसर (कक्षा, मैदान, गैलरी, कैंटीन आदि) के भीतर किसी भी प्रकार की व्यावसायिक अथवा गैर-व्यावसायिक (निजी उपयोग या सोशल मीडिया रील/शॉर्ट्स / ब्लॉग) के उद्देश्य से वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करने पर रहेगा पूर्णतः प्रतिबंध

——–शैक्षणिक अवधि में परिसर में किसी भी छात्र, छात्रा अथवा शिक्षक की सहमति के बिना उनका फोटो लेना या वीडियो बनाना एक गंभीर अपराध माना जाएगा। ऐसा कृत्य करने वालों पर साइबर कानूनों एवं प्रासंगिक आपराधिक प्रावधानों के तहत भी की जाएगी

——–शैक्षणिक अवधि में मोबाइल फोन का उपयोग संबंधित शिक्षण संस्थान की आंतरिक नियमावली के अधीन होगा, शैक्षणिक / प्रशासनिक प्रयोजन हेतु शिक्षक / संस्थान प्रमुख की अनुमति से मोबाइल फोन का उपयोग किया जा सकेगा। परंतु किसी भी परिस्थिति में इसका उपयोग कैमरा/वीडियो रिकॉर्डिंग या गैर-शैक्षणिक सोशल मीडिया गतिविधियों के लिए नहीं किया जाएगा।
मधुबनी 17 अप्रैल 2026
जिलाधिकारी, आनंद शर्मा के द्वारा विभिन्न श्रोतो से प्राप्त सूचनाओं के आलोक में जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के परिसर में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं द्वारा शैक्षणिक अवधि के दौरान मोबाइल फोन का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स हेतु रील और शॉर्ट वीडियो बनाने की प्रवृत्ति को देखते हुए कई आवश्यक निदेश दिए है।
विदित हो कि इस प्रकार की गतिविधियों से न केवल पठन-पाठन का कार्य गंभीर रूप से बाधित हो रहा है, बल्कि Likes और Views पाने की होड़ में छात्रों द्वारा खतरनाक Stunt भी किए जा रहे हैं, जिससे उनके जीवन और शारीरिक सुरक्षा को आसन्न खतरा उत्पन्न हो रहा है। यह भी संज्ञान में आया है कि कई मामलों में अन्य सहपाठियों (विशेषकर छात्राओं) एवं शिक्षकों की बिना सहमति के उनके वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए जा रहे है। यह कृत्य भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त निजता के मौलिक अधिकार (Right to Privacy) का सीधा और गंभीर उल्लंघन है तथा इससे परिसर में असहजता, असुरक्षा और लोक-शांति भंग होने की प्रबल संभावना बन जाती है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत प्रत्येक छात्र को बाधारहित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का मौलिक अधिकार है, और शैक्षणिक परिसर की गरिमा एवं अनुशासन बनाए रखना प्रशासन का सर्वोपरि दायित्व है।
उक्त परिस्थितियों के दृष्टिगत, छात्रों के जीवन की सुरक्षा, निजता की रक्षा, मानसिक परेशानी को रोकने एवं लोक-शांति बनाए रखने हेतु त्वरित हस्तक्षेप नितांत आवश्यक को देखते हुए तथा लोक-शांति, शैक्षणिक अनुशासन, छात्रों के मौलिक अधिकारों, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, गरिमा एवं निजता की रक्षा हेतु भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 के अंतर्गत युक्तियुक्त प्रतिबंध अधिरोपित करते जिलाधिकारी, आनंद शर्मा के द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा संपूर्ण जिले में स्थित सभी सरकारी, विद्यालयों/महाविद्यालयों के लिए कई प्रतिबंधात्मक आदेश निर्गत किया गया है। जिसमें शैक्षणिक अवधि में किसी भी शिक्षक/छात्र-छात्रा, बाहरी व्यक्ति या कर्मचारी द्वारा शैक्षणिक परिसर (कक्षा, मैदान, गैलरी, कैंटीन आदि) के भीतर किसी भी प्रकार की व्यावसायिक अथवा गैर-व्यावसायिक (निजी उपयोग या सोशल मीडिया रील/शॉर्ट्स / ब्लॉग) के उद्देश्य से वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। शैक्षणिक अवधि में परिसर में किसी भी छात्र, छात्रा अथवा शिक्षक की सहमति के बिना उनका फोटो लेना या वीडियो बनाना एक गंभीर अपराध माना जाएगा। *ऐसा कृत्य करने वालों पर साइबर कानूनों एवं प्रासंगिक आपराधिक प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। शैक्षणिक अवधि में मोबाइल फोन का उपयोग संबंधित शिक्षण संस्थान की आंतरिक नियमावली के अधीन होगा, शैक्षणिक / प्रशासनिक प्रयोजन हेतु शिक्षक / संस्थान प्रमुख की अनुमति से मोबाइल फोन का उपयोग किया जा सकेगा। परंतु किसी भी परिस्थिति में इसका उपयोग कैमरा/वीडियो रिकॉर्डिंग या गैर-शैक्षणिक सोशल मीडिया गतिविधियों के लिए नहीं किया जाएगा। सभी सरकारी विद्यालय/महाविद्यालय के प्रधानाध्यापक / प्राचार्य मुख्य द्वार एवं नोटिस बोर्ड पर परिसर में रील बनाना एवं अनधिकृत वीडियोग्राफी

पूर्णतः वर्जित एवं निजता का उल्लंघन दंडनीय है, का स्पष्ट चेतावनी बोर्ड/फ्लेक्स (हिंदी एवं अंग्रेजी में) अनिवार्य रूप से लगाएंगे। संस्थान प्रमुख आवश्यकतानुसार mobile deposit/silent mode/restricted zones व्यवस्था लागू कर सकते हैं।*
संस्थान प्रमुख इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु शिक्षकों की एक अनुशासन समिति एवं साइबर जागरूकता समिति का गठन करेंगे।
जिलाधिकारी द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध यदि किसी सरकारी एजेंसी, पुलिस विभाग, प्रशासनिक अधिकारी अथवा प्राधिकृत जाँच समिति द्वार किसी मामले के अनुसंधान, निरीक्षण या साक्ष्य संकलन हेतु परिसर में वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी की जाती है, तो उक्त प्रतिबंध उन पर प्रभावी नहीं होगा। किसी विशेष घटना या समाचार संकलन हेतु मान्यता प्राप्त प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हाउस (Media Houses) के प्रतिनिधियों को शैक्षणिक परिसर में प्रवेश कर वीडियोग्राफी करने से पूर्व जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, मधुबनी से विधिवत पूर्वानुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। विद्यालय /महाविद्यालय के आधिकारिक कार्यक्रमों (जैसे वार्षिकोत्सव, खेलकूद प्रतियोगिता, विज्ञान प्रदर्शनी आदि) की अधिकृत वीडियोग्राफी, जो पूर्णतः संस्थान प्रबंधन की देखरेख और लिखित सहमति से की जा रही हो, इस प्रतिबंध से मुक्त रहेगी जैसी परिस्थितियों में लागू नहीं होगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निदेश दिया है कि उक्त आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों (छात्र/संस्थान प्रबंधन) के विरुद्ध भारतीय न्याय सहिता, 2023 की धारा 223 (लोक सेवक द्वारा विधिवत प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा) एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कठोर वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी, मधुबनी को निदेश दिया गया है कि सभी सरकारी विद्यालयों/महाविद्यालयों में इस आदेश का कार्यान्वयन सुनिश्चित करायेगें एवं सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को अपने स्तर से भी निर्देशित करेंगे कि वे सप्ताह में कम-से-कम एक बार आकस्मिक निरीक्षण कर अनुपालन प्रतिवेदन विहित प्रपत्र में समर्पित करेंगे।
उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, मधुबनी जिला को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करवाने तथा सरकारी शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा वीडियो बनाए जाने की स्थिति में वे तुरंत कानूनी कार्रवाई हेतु उत्तरदायी होंगे।

जिलाधिकारी ने जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, मधुबनी को निर्देशित किया है कि मीडिया संस्थानों द्वारा शिक्षण संस्थानों में प्रवेश एवं कवरेज हेतु अनुमति प्राप्त करने के लिए भविष्य में एक पृथक ऑनलाइन पोर्टल/सिस्टम विकसित करेंगे, ताकि अनुमति देने की प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम हो सके। उपरोक्त आदेश तत्काल प्रभाव से संपूर्ण जिले में लागू होगा।

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बिहार में शराब का व्यापार एवम सेवन पूर्ण रूप से अवैध है। इससे संबधित जानकारी टॉल फ्री नंबर 15545 या 18003456268 एवम जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष भीभीनंबर पर ’06276-222576 ’जरूर दे। आपकी पहचान गोपनीय रखी जायेगी ।

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DPRO,MADHUBANI

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