प्रेस विज्ञप्ति
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विशाल कुमार ने जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी को पत्र लिखकर सीतामढ़ी नगर निगम के पिछले तीन वर्षों के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि नगर निगम प्रशासन, विशेषकर मेयर के स्तर पर, करदाताओं के पैसे का व्यापक दुरुपयोग किया गया है। वर्ष 2023 में प्रॉपर्टी टैक्स के वार्षिक किराया मूल्य को दोगुना कर दिया गया, जिससे आम नागरिकों पर दोगुना अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा। इसके साथ ही टैक्स वसूली के लिए नियुक्त एनजीओ को सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय से लगभग ढाई गुना अधिक राशि पर कार्यादेश दिया गया, जो वित्तीय अनियमितता की ओर संकेत करता है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था के लिए नियुक्त एनजीओ को भी नियमों के विरुद्ध तरीके से कार्य सौंपा गया, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े होते हैं। विकास कार्यों के नाम पर भी कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनमें डीजल घोटाले की आशंका, नाली निर्माण एवं सड़क निर्माण में गुणवत्ता और प्रक्रिया संबंधी गंभीर लापरवाही शामिल है।
विशेष रूप से “इस्लाम परवेज़ द्वार” के निर्माण को लेकर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह निर्माण कार्य जनभावनाओं के अनुरूप नहीं है तथा इसमें वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस परियोजना की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विशाल कुमार ने कहा कि नगर निगम को विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि पिछले तीन वर्षों में किए गए सभी निर्माण कार्यों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अंत में उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच प्रारंभ की जाए, ताकि आम जनता का प्रशासन पर विश्वास बना रहे और भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।
विशाल कुमार
