संजय वर्मा)ई हैं मैडम दिव्य ज्योति प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी से पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से इन्हें टिकट मिला है टिकट क्यों मिला कैसे मिला ई प्रशांत किशोर और डॉ दिव्य जाति ही बेहतर बता सकते हैं खैर महीनों से सोशल प्लेटफॉर्म पर छाई हुई है इनके बारे में जानकारी खंगालने पर मालूम हुआ है कि इनके पति अशोक गगन जो कांग्रेस के टिकट पर पूर्व में चुनाव लड़ चुके हैं पति और पत्नी दोनों मिलकर एनजीओ चलाते है चाणक्य फाउंडेशन नाम से अब एनजीओ में क्या होता है समाजसेवा के नाम पर सबको मालूम है पति अशोक गगन डायरेक्टर हैं पत्नी डॉ दिव्य ज्योति सीईओ यानी पति पत्नी एंड कंपनी है चाणक्य फाउंडेशन इसके माध्यम से अनेकानेक कई प्रकार के शिक्षण संस्थान खोल रखे है जिसके माध्यम से धन का बड़ा एम्पायर पति पत्नी ने मिलकर खड़ा कर लिया बिहार के मशहूर अम्हारा की निवासी है डॉ दिव्य ज्योति को अगर आकलन के हिसाब से शिक्षा माफ़िया कहा जाय तो बड़ी बात होगी शिक्षा को इन्होंने धंधा बनाया इनका शिक्षण संस्थान के छात्र छात्राओं का स्कूल सेंटर खगौल के उस स्कूल में होता रहा जहां भाजपा नेत्री डॉ ऊषा विद्यार्थी प्राचार्य होती थी धन लेकर परीक्षा में चोरी करने की खुलेआम छूट होती थी हाल ही में ऊषा विद्यार्थी पर गाज गिरी वो प्रिंसिपल से हटा दी गई पर शिक्षा को इंडस्ट्री बनाने वाली डॉ दिव्य ज्योति गैर शिक्षक होकर भी पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिये कूद पड़ी मंशा कि धन के बल पर शिक्षकों की खरीद फरोख्त कर चुनाव जीत एमएलसी बन जाएंगे फिर क्या माननीय बन मौज ही मौज लूटेंगे पर सामने प्रो नवल किशोर यादव जो तीस साल से विधान पार्षद है लगातार पांच बार जीत चुके है और छठी बार सिक्सर मारने के लिए बेताब है मैडम का पाला उनसे पड़ा है
