मधुबनी, 9 सितंबर 2026। ग्राम विकास युवा ट्रस्ट, मधुबनी की ओर से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) 4.0 के तहत संचालित मिलेट प्रोडक्ट प्रोसेसिंग प्रशिक्षण के दोनों बैचों का बुधवार को जिला परियोजना प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम, मधुबनी हेमंत कुमार मंडल ने निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान हेमंत कुमार मंडल ने प्रशिक्षण ले रहे प्रतिभागियों से अब तक कराए गए प्रशिक्षण, सीखे गए कौशल और इसकी उपयोगिता को लेकर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने प्रतिभागियों से मिलेट से विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार करने की प्रक्रिया, उत्पादों की गुणवत्ता और प्रशिक्षण के दौरान हासिल किए गए व्यावहारिक ज्ञान के बारे में भी बातचीत की।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रतिभागियों की सहभागिता का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षण की गुणवत्ता, प्रतिभागियों की भागीदारी, प्रशिक्षण की उपयोगिता और उनके द्वारा अर्जित व्यावहारिक कौशल का भी अवलोकन किया गया। प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूरा करने के बाद हासिल हुनर का प्रभावी उपयोग कर स्वावलंबी बनने और आर्थिक रूप से सशक्त होने के लिए प्रेरित किया गया।
अधिकारियों ने प्रतिभागियों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया कि प्रशिक्षण के दौरान हासिल कौशल को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है। मिलेट आधारित उत्पादों के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का बेहतर उपयोग करने पर भी जोर दिया गया।
महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई। इनमें महिला एवं बाल कल्याण, सुरक्षा, संरक्षण, सशक्तिकरण, पुनर्वास और कौशल विकास से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।
प्रतिभागियों को महिलाओं और बालिकाओं के लिए संचालित योजनाओं के उद्देश्य, पात्रता और उनसे मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया। पात्र लोगों को संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक और प्रेरित किया गया।
कौशल विकास को आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण से जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कौशल विकास प्रशिक्षण के साथ प्रतिभागियों को महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। इससे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लोग अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए कर सकेंगे।
मिलेट प्रोडक्ट प्रोसेसिंग जैसे कौशल आधारित प्रशिक्षण के जरिए प्रतिभागियों को रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद प्राप्त हुनर का उपयोग कर प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
