मधुबनी। जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से साप्ताहिक अंतर विभागीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति, लंबित मामलों, जन शिकायतों, न्यायालयीन वादों, राजस्व वसूली तथा विकास योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी लंबित मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान सेवा-संवाद-समाधान एवं सहयोग शिविर पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन की शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

समीक्षा में बताया गया कि सहयोग शिविर एवं सहयोग पोर्टल के माध्यम से अब तक कुल 12,096 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 10,756 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। शेष 906 लंबित आवेदनों को तय समयावधि में निपटाने का निर्देश दिया गया। इस दौरान वाणिज्य कर, कला एवं संस्कृति, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण, उद्योग, अल्पसंख्यक कल्याण, खेल, सूचना एवं जनसंपर्क, पर्यटन तथा गन्ना उद्योग विभाग द्वारा शत-प्रतिशत आवेदनों के समय पर निष्पादन की सराहना की गई। वहीं लंबित आवेदनों वाले विभागों पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन, जिला स्तरीय जनता दरबार, मुख्यमंत्री जनता दरबार, सीपीग्राम, सूचना का अधिकार तथा अन्य शिकायत निवारण मंचों पर लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

नीलाम पत्र शाखा की समीक्षा के दौरान राजस्व वसूली से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को अधिक राजस्व वाले मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई और निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व वसूली की नियमित मॉनिटरिंग कर इसकी गति बढ़ाने पर बल दिया।

उच्च न्यायालय में लंबित सीडब्ल्यूजेसी, एमजेसी, एलपीए तथा अन्य न्यायालयीन मामलों की समीक्षा के दौरान संबंधित विभागों को समय पर शपथ-पत्र, प्रतिवेदन और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। समीक्षा में सामने आया कि एमजेसी के 18 मामले लंबित हैं, जबकि जिला, अनुमंडल, प्रखंड और अंचल स्तर पर सीडब्ल्यूजेसी के 192 मामले लंबित हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि न्यायालयीन मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी मामलों का प्रभावी एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) एवं व्यय प्रमाण पत्र (डीसी) की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को शीघ्र समायोजन कर अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

जिले में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं से योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर करने और सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया।

बैठक में अपर समाहर्ता मुकेश रंजन सहित सभी जिला स्तरीय विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

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