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[30/10, 5:51 pm] +91 79922 56033: सरकारी कार्यों में जवाबदेही, समयबद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में डीएम की महत्वपूर्ण प्रभावी पहल
तकनीक आधारित निगरानी से पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनहितकारी प्रशासन को मिल रही नई गति
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मधुबनी,
30अक्टूबर2026
जिला पदाधिकारी द्वारा सरकारी कार्यसंस्कृति को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी, अनुशासित एवं परिणामोन्मुख बनाने तथा आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत जिला से लेकर प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक के अधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, उपस्थिति की नियमित एवं प्रभावी निगरानी के लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों एवं कर्मियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ-साथ आम जनता के कार्यों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन करना है। जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवाओं में लापरवाही, अनावश्यक विलंब एवं जवाबदेही की कमी स्वीकार्य नहीं होगी। प्रत्येक पदाधिकारी एवं कर्मी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, तत्परता एवं जिम्मेदारी के साथ करना है। 
जिलाधिकारी द्वारा प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर कार्यरत सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रतिदिन पूर्वाह्न 10:00 बजे से 10:10 बजे तक बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसके पश्चात उपस्थिति की फोटोग्राफ एवं प्रतिवेदन संबंधित प्रखंड के निर्धारित व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करना अनिवार्य किया गया है।
इस व्यवस्था के दायरे में पंचायत कार्यपालक सहायक, ग्राम कचहरी सचिव, न्याय मित्र, लेखापाल सह आईटी सहायक, तकनीकी सहायक, पंचायत सचिव, राजस्व कर्मचारी, आवास सहायक, रोजगार सेवक, पंचायत तकनीकी सहायक, मनरेगा कर्मी, किसान सलाहकार, विकास मित्र सहित अन्य संबंधित कर्मी शामिल हैं।
सभी संबंधित कर्मियों को प्रतिदिन पूर्वाह्न 10:10 बजे तक अपनी उपस्थिति दर्ज कर उसका साक्ष्य निर्धारित ग्रुप में साझा करना अनिवार्य है। वहीं, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को पूर्वाह्न 1010 बजे से 10:20 बजे तक प्रखंडवार उपस्थिति का रिपोर्ट प्राप्त कर उसे समेकित करते हुए निर्धारित ग्रुप में साझा करने का निर्देश दिया गया है।
जिला एवं प्रखंड स्तर पर निर्धारित की गई निगरानी की जिम्मेदारी
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बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा स्पष्ट जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। प्रखंड स्तर पर संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को अनुश्रवण की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि जिला स्तर पर अपर समाहर्ता एवं स्थापना उपसमाहर्ता को नामित किया गया है। इससे उपस्थिति संबंधी सूचनाओं का नियमित संकलन, समीक्षा एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है तथा आम लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि यदि कोई कर्मी लगातार तीन कार्यदिवस तक निर्धारित ग्रुप में अपनी उपस्थिति साझा नहीं करता है तो उसे अनधिकृत रूप से अनुपस्थित मानते हुए बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अक्टूबर माह की समीक्षा में 11 कर्मी अनुपस्थित, कारण पृच्छा जारी
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जिला मॉनिटरिंग शाखा द्वारा अक्टूबर माह की बायोमेट्रिक उपस्थिति की समीक्षा के क्रम में पंचायती राज विभाग से जुड़े 11 कर्मी पूर्वाह्न 10:30 बजे तक अनुपस्थित पाए गए हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि उपस्थिति व्यवस्था की निगरानी केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप वास्तविक अनुपालन की भी समीक्षा कर अपेक्षित कार्रवाई भी की जा रही है।
ई-ऑफिस से सरकारी कार्यों के निष्पादन में तेजी एवं पारदर्शिता
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जिलाधिकारी द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी एवं अधिक प्रभावी बनाने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति के साथ-साथ ई-ऑफिस प्रणाली के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया है। ई-ऑफिस के माध्यम से सरकारी संचिकाओं एवं पत्रों का डिजिटल संचालन, ऑनलाइन अग्रसारण, संबंधित पदाधिकारियों के स्तर पर समयबद्ध समीक्षा तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाया गया है।
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ई-ऑफिस प्रणाली से संचिकाओं के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना कम हुई है। इसके माध्यम से यह पता लगाना आसान होता है कि कोई संचिका किस स्तर पर लंबित है तथा उसके निष्पादन में कितना समय लग रहा है। इससे कार्यों की जवाबदेही निर्धारित करने, पारदर्शिता बढ़ाने एवं प्रशासनिक निर्णयों में तेजी लाने में मदद मिलती है।
आम जनता को मिल रहा सीधा लाभ
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बायोमेट्रिक उपस्थिति एवं ई-ऑफिस प्रणाली का व्यापक उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को नागरिक केंद्रित बनाना है। कार्यालयों में अधिकारियों एवं कर्मियों की समय पर उपस्थिति से आम लोगों को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ता। वहीं, ई-ऑफिस के माध्यम से आवेदन, शिकायत, प्रमाण-पत्र, राजस्व एवं अन्य प्रशासनिक मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं समयबद्ध हुई है।
जिला पदाधिकारी की प्रभावी पहल से सरकारी कार्यालयों के प्रति आम लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है तथा उन्हें अपने कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होती।
इस पहल का मूल उद्देश्य स्पष्ट है कि प्रशासनिक व्यवस्था में समय की पाबंदी, कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता एवं जवाबदेही को संस्थागत स्वरूप दिया जाए। तकनीक आधारित निगरानी एवं डिजिटल कार्यप्रणाली के समन्वय से जिला प्रशासन सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी, प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है।
[30/10, 5:52 pm] +91 79922 56033: *वॉटसन मध्य विद्यालय में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण पर संगोष्ठी सह क्विज प्रतियोगिता आयोजित*
*विशेष अभियान 6.0 : स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को किया गया जागरूक*
*स्वच्छता केवल अभियान नहीं, हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी : डीपीओ आनंद अंकित*
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मधुबनी,
30 अक्टूबर, 2026
जिला गंगा समिति ‘नमामि गंगे’, मधुबनी के तत्वावधान में विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत वॉटसन मध्य विद्यालय, मधुबनी में छात्र-छात्राओं के बीच स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर संगोष्ठी सह क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जलस्रोतों के महत्व से संबंधित प्रश्नों के माध्यम से अपनी जानकारी और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में आयुष ने प्रथम, प्रेम कुमार ने द्वितीय तथा विकास कुमार यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सफल प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डीपीओ नमामि गंगे आनंद अंकित ने कहा कि स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने में विद्यार्थियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बच्चों में छोटी उम्र से ही स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है। विद्यार्थी स्वयं स्वच्छता अपनाने के साथ अपने परिवार और समाज को भी इसके लिए प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ नदियां, स्वच्छ जलस्रोत और स्वच्छ पर्यावरण एक स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं।
इसी क्रम में उन्होंने कहा कि कल+2 वाटसन उच्च विद्यालय, मधुबनी में स्थानीय विद्यालयों के छात्र छात्राओं के बीच भाषण प्रतियोगिता सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक भारती कुमारी ने की। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक एवं गंगा मित्र मनीष कर्ण ने किया। वहीं, प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका सरस्वती विद्या निकेतन (+2 मनमोहन उच्च विद्यालय), रामपट्टी के नवाचारी शिक्षक एवं गंगा मित्र पवन कुमार ने निभाई।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने, पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की शिक्षिका मनीषा रानी,शबाना प्रवीण,नस्र कौशर आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
