“फर्जी वेंडरों का सिंडिकेट: जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान की पंचायतों में शासकीय राशि की खुली लूट,
अविनाश चतुर्वेदी ✍️
रीवा। जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में इन दिनों फर्जी वेंडरों का जाल तेजी से फैलता नजर आ रहा है। आरोप है कि सरपंच और सचिव की मिलीभगत से अनाधिकृत वेंडरों को काम देकर शासकीय योजनाओं की राशि का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। मामला अब गंभीर रूप ले चुका है और स्थानीय स्तर पर लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, कई पंचायतों में बिना वैध पंजीयन वाले वेंडरों को निर्माण कार्य, सामग्री आपूर्ति और अन्य विकास कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। नियमों को दरकिनार करते हुए इन वेंडरों के माध्यम से फर्जी बिल और वाउचर तैयार किए जा रहे हैं, जिससे सरकारी धन का बड़े पैमाने पर गबन किया जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर कागजों में कार्य पूर्ण दिखाया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य या तो अधूरा है या फिर पूरी तरह से गायब है।
इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। जनप्रतिनिधियों ने पंचायतों में हो रही इन अनियमितताओं के खिलाफ मोर्चा खोलने का मन बना लिया है। जानकारी मिल रही है कि जल्द ही इस संबंध में औपचारिक शिकायतें दर्ज कराई जाएंगी और विरोध प्रदर्शन भी किया जा सकता है, जिससे प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव और बढ़ेगा।
वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, तो बड़े स्तर पर वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि दोषी सरपंच, सचिव और संबंधित वेंडरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शासकीय राशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके और विकास कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में त्वरित और प्रभावी कदम उठाएगा, या फिर यह मुद्दा भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा। क्या अनाधिकृत वेंडरों पर लगाम लग पाएगी, या पंचायतों में विकास के नाम पर शासकीय राशि का दुरुपयोग यूं ही चलता रहेगा—जनपद एवं जिला पंचायत के आगामी फैसलों पर पूरे क्षेत्र की नजर टिकी हुई है।
