बॉलीवुड में हमारे त्यौहारों और धार्मिक कहानियों पर बनी फिल्मों की कमी नहीं है। वहीं दर्शकों को यह फिल्में पसंद भी आती हैं क्योंकि इनसे एक अलग जुड़ाव महसूस होता है।
ऐसी ही एक बहुचर्चित फिल्म थी वर्ष 1996 में आई ‘प्रेम ग्रंथ’, जिसमें बॉलीवुड की ‘धक-धक गर्ल’ माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) और दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
राजीव कपूर के निर्देशन में बनी यह फिल्म न केवल एक लव स्टोरी थी, बल्कि इसमें सामाजिक कुरीतियों, जातिगत भेदभाव और ‘अधर्म पर धर्म’ की विजय का एक अच्छा संदेश दिया गया था।
‘प्रेम ग्रंथ’ (Prem Granth) की कहानी एक सीधी-साधी लड़की’कजरी’ (माधुरी दीक्षित) के इर्द-गिर्द घूमती है। कजरी को गांव के ही एक ऊंची जाति के लड़के सोमनाथ (ऋषि कपूर) से प्यार हो जाता है। कजरी के जीवन में तब अंधेरा छा जाता है जब गांव का एक पावरफुल व्यक्ति ठाकुर उसके साथ दुष्कर्म करता है।
इस घिनौने अपराध के बाद कजरी का जीवन बिखर जाता है। समाज जो पीड़ितों को सहारा देने के बजाय उन्हें ही दोषी ठहराता है, कजरी के साथ भी वही कठोर रवैया अपनाता है। लेकिन कजरी हार मानने के बजाय अपने सम्मान और न्याय के लिए खड़े होने का फैसला करती है।
