चुनावी समीकरणों एवं विदेशी ताकतों के दबाव में चलने वाली भाजपा सरकार अमेरिका के सामने अपना राजनितिक आत्मसमर्पण कर चुकी है, ये देश में कैसा अमृतकाल चल रहा है जहाँ भारत क्या करने वाला है वो अमेरिका तय कर रहा है?

कभी हमारे नागरिकों को जंजीर में बांधकर भारत भेजना, कभी भारत पाकिस्तान युद्ध रोकवाने का क्रेडिट दर्जनों बार लेना, डॉलर के मुकाबले रुपए का कमजोर होना, कभी 50% तो कभी 500% का टेरीफ लगाना, कभी अमेरिका के एक इशारे पर भारतीय शेयर बाजार का धारासाई होना, कभी चाबाहर पोर्ट के लिए भारत के हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट पर रोक लगा देना जिससे ईरान, अफगानिस्तान इत्यादि देशों से आप अपना व्यापारिक सम्बन्ध मजबूत न कर सके, कभी रसिया से तेल खरीदने को मना कर देना, कभी अमेरिका के एक इशारे पर ईरान से तेल खरीदने से मना करना, वैनेजुला जो अभी अमेरिका के कब्जे में है उससे महंगे तेल खरीदने को विवश करना, अब अमेरिका के क़ृषि उत्पाद इत्यादि भारत में आयात पर 0% टेरीफ और भारतीय माल के अमेरिका में निर्यात पर 18% टेरीफ लगाना और अब अमेरिकी मूल के चर्चित यौन अपराधी ​जेफ्री एपस्टीन के साथ भारत के प्रधानमंत्री जी का नाम चर्चा में लाकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत के छवि को धूमिल करना जिसपर भारत के विदेश मंत्रालय के तरफ से सिर्फ इतना कहा जाना की वो अपराधी है उसके किसी बात पर ध्यान न दें लेकिन भाजपा का अबतक कोई बड़ा नेता का कोई प्रतिक्रिया नही आना इत्यादि अनेक उदाहरण हमारे सामने है।

क्या इनसबों पर भारत सरकार को अपना पक्ष नही रखना या फिर महामाहोत्स्व ही मनाते रहेंगे तथाकथित गंगापुत्र मोदी जी??

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बात किसी भाजपा कांग्रेस या कोई अन्य दलों की नही भारत की छवि जो धूमिल हो रही है चिंता उसको लेकर होना चाहिए।

आज देश में ये कैसा अमृतकाल का महामाहोत्स्व मनाया जा रहा है जहाँ आज से पहले जो हमारा भारत गुटनिरपेक्ष देश था आज गुटवाजी का हिस्सा होकर इतना कमजोर विदेश नीति के साथ खड़ा है??

क्या हमारा देश भारत जो आज दुनियां में सबसे बड़ा कंस्यूमर है सबसे बड़ा निर्यातक नही बन सकता?

क्या अगर अमेरिका भारत के बाजार में अपनी क़ृषि उत्पाद के साथ अपनी उपस्थिति रखता है जिसके आयात पर हमने 0% टेरीफ तथा निर्यात पर 18% टेरीफ अमेरिका द्वारा रखा है उससे हमारे देश के अन्नदाता किसानों पर असर नही पड़ेगा??

सवाल अनेक है, विचार कीजिए की देश में चुनावी समीकरणों, हिन्दू मुस्लिम, अगड़ा पिछड़ा, जात पात की राजनीति लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रसिया, चाइना और अमेरिका इत्यादि जैसे महाशक्तियों के सामने हम अपनी कैसी विदेश नीति लिए खड़े हैं और किस विकास की बात कर रहे हैं????

जय हिंद! जय बिहार!🙏🙏💐

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