केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर सरकार ने फिलहाल स्थिति स्पष्ट कर दी है। शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने बुधवार को कहा कि टीईटी को तत्काल प्रभाव से लागू नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सरकार इस मामले में जल्दबाजी नहीं करेगी और पहले यह अध्ययन करेगी कि अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस व्यवस्था को किस प्रकार लागू किया गया है। इसके बाद ही जम्मू-कश्मीर में इसे लागू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

सरकारी आदेश के बाद स्थिति स्पष्ट

यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक सरकारी आदेश जारी किया गया था। इस आदेश में जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड और स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी को टीईटी आयोजित कराने के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया था।

इस आदेश के बाद शिक्षकों और अभ्यर्थियों के बीच यह चर्चा तेज हो गई थी कि प्रदेश में जल्द ही टीईटी लागू किया जा सकता है।

सरकार का संतुलित रुख

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार सभी पहलुओं पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों के अनुभव और मॉडल का अध्ययन करना आवश्यक है, ताकि जम्मू-कश्मीर में एक प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जा सके।

अभ्यर्थियों के लिए क्या मतलब

इस फैसले का मतलब है कि फिलहाल जम्मू-कश्मीर में टीईटी परीक्षा को लेकर कोई तत्काल बदलाव नहीं होगा। हालांकि, आने वाले समय में सरकार इस दिशा में कदम उठा सकती है।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि टीईटी जैसे मानकीकृत परीक्षा सिस्टम को लागू करने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। लेकिन इसके लिए उचित तैयारी और स्पष्ट नीति जरूरी होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार आगे बढ़ रही है।

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