संघ लोक सेवा आयोग (UPSC-2025) में चयनित प्रदेश के 61 अभ्यर्थियों के लिए 23 मार्च, सोमवार का दिन खास बन गया, जब उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंच साझा किया। राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित ‘सफलता के मंत्र’ कार्यक्रम में इन युवाओं ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए दूसरों को प्रेरित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी चयनित युवाओं को मंच पर सम्मानित करते हुए उन्हें बधाई दी और कहा कि यह उनकी मेहनत, संकल्प और सामर्थ्य का सम्मान है।

इन युवाओं के कंधों पर अहम जिम्मेदारी

राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये युवा वर्ष 2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब यही युवा प्रशासनिक जिम्मेदारियों के शीर्ष पर होंगे और उनके फैसले प्रदेश और देश की दिशा तय करेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इस दौरान “मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम” पुस्तिका के डिजिटल संस्करण का लोकार्पण किया गया और चयनित अभ्यर्थियों पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।

सफलता के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सफलता अपने साथ बड़ी जिम्मेदारी लेकर आती है। चयनित अधिकारियों के कंधों पर प्रदेश के करोड़ों नागरिकों के विकास और कल्याण का दायित्व है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे चिंतनशील, संवेदनशील और परिश्रमी बनकर न केवल खुद सफल हों, बल्कि प्रदेश की प्रगति के स्तंभ भी बनें।

उन्होंने शहीद दिवस (23 मार्च) का उल्लेख करते हुए भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान को याद किया और कहा कि अब देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाना हमारी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने युवाओं को अंत्योदय, नवाचार, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की सीख दी।

मुख्यमंत्री ने 173वीं रैंक हासिल करने वाले दृष्टिबाधित अभ्यर्थी अक्षत बल्दवा की विशेष सराहना करते हुए कहा कि स्पष्ट लक्ष्य और दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कोई बाधा बड़ी नहीं होती।

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