पंजाब के चर्चित रंधावा मौत मामले में अब सियासी हलचल और तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग उठाई है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

बठिंडा में जारी बयान में हरसिमरत बादल ने कहा कि मामले की गंभीरता और इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को देखते हुए जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जानी चाहिए। उनका कहना है कि केवल केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा ही निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सकती है और इससे पीड़ित परिवार तथा आम जनता का विश्वास बहाल होगा।

उन्होंने अपने पत्र में बताया कि पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा एक उच्च शिक्षित और जिम्मेदार अधिकारी थे, जो दो जिलों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 21 मार्च को अपनी मृत्यु से पहले उन्होंने एक वीडियो संदेश में अपने ऊपर पड़ रहे दबाव और परिस्थितियों का जिक्र किया था।

रंधावा ने पहले ही मानसिक दबाव के आरोप लगाए

हरसिमरत बादल ने आरोप लगाया कि डॉ. रंधावा ने पहले ही मानसिक दबाव और प्रताड़ना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी थी, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि प्राथमिकी में परिवहन मंत्री ललजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता और एक सहयोगी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि आरोप है कि अधिकारी पर टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर मंत्री के पिता के पक्ष में निर्णय लेने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट, अपमान और धमकियां दी गईं। यहां तक कि उन्हें डराने के लिए आपराधिक तत्वों का सहारा लेने के आरोप भी सामने आए हैं।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version