ट्राईसिटी के प्रमुख शॉपिंग और एंटरटेनमेंट सेंटर वीआर पंजाब माॅल को 20 अप्रैल से अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। प्रबंधन के अचानक लिए फैसले से माॅल में खुले मल्टीनेशनल कंपनियों के आउटलेट्स 100 से अधिक रिटेल स्टोर्स बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं।
माल के निर्देशों के बाद सभी दुकानदारों और ब्रांड्स को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने आउटलेट बंद करने के लिए कहा गया, जिससे पूरे माल में एकाएक सन्नाटा छा गया। इससे हजारों कर्मचारियों और स्टाफ को नौकरी जाने का संकट सताने लगा है। कारोबारियों ने भी माल प्रबंधन के इस फैसले पर नाराजगी जताई है।
माल प्रबंधन के आधिकारिक नोटिस में बताया गया है कि 3 अप्रैल को उत्तर भारत में आए भूकंप के कारण इमारत को नुकसान पहुंचा है। इस घटना के बाद भवन की संरचनात्मक मजबूती को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।
इसी के मद्देनजर मैनेजमेंट ने आम जनता और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए माॅल को तत्काल प्रभाव से बंद करने और परिसर को पूरी तरह सील करने का निर्णय लिया है। नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि अगली सूचना तक माल में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
इन कंपनियों के आउटलेट्स
माॅल में संचालित प्रमुख ब्रांड्स में एचएंडएम, रिलायंस ट्रेंड्स, क्रोमा, स्टारबक्स), केएफसी, बर्गर किंग, लेंसकार्ट, गैप, कोस्टा काफी और हल्दीराम जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा लाइफस्टाइल, मैक्स, जाकी, सेंट्रो, रिलायंस स्मार्ट बाजार, गो कलर्स, कैफे काफी डे, टैको बेल, स्केचर्स, स्पिन्नी, डीआइवाय और पाइरेट्स ऑफ ग्रिल जैसे कई आउटलेट भी यहां चल रहे हैं। माल में 9 स्क्रीन वाला पीवीआर सिनेमा भी लोगों के मनोरंजन कर रहा है।
कभी ट्राईसिटी का नंबर-1 माॅल था
करीब 22 एकड़ क्षेत्र में फैला और एक मिलियन वर्ग फीट से अधिक में विकसित यह माॅल एक समय ट्राईसिटी का सबसे बड़ा और सबसे व्यस्त माल माना जाता था। कभी 250 के करीब आउटलेट खुले हुए थे यहां। यह एलांते माॅल को भी कड़ी टक्कर देता था। वीकेंड और त्योहारों पर यहां भारी भीड़ उमड़ती थी और यह युवाओं का पसंदीदा हैंगआउट स्पाट बन चुका था।
धीरे-धीरे कम हुई रौनक
हालांकि, बीते कुछ वर्षों में माॅल की लोकप्रियता में गिरावट देखी गई। माॅल के सामने फ्लाईओवर बनने के बाद यहां की पहुंच प्रभावित हुई और विजिटर्स की संख्या घटने लगी। इसके अलावा, माल प्रबंधन द्वारा समय-समय पर उचित मार्केटिंग और मेंटेनेंस पर ध्यान न देने के कारण कई बड़े ब्रांड्स यहां से अपना कारोबार समेटते चले गए।
अस्पताल बनने की भी चर्चा
इधर, सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आ रही है कि भविष्य में इस माॅल को किसी बड़े अस्पताल समूह को दिए जाने की योजना बनाई जा रही है। इस संबंध में माल मैनेजमेंट के अधिकारी अभिनव राणा से बात करते की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उताया। वाट्सएप पर मैसेज भी किया गया लेकिन फिर भी कोई जवाब नहीं दिया गया।
