सीतामढ़ी। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग और जिला प्रशासन, सीतामढ़ी के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय परिचर्चा भवन में हिंदी दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अपर समाहर्ता, विभागीय जांच राहुल कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष चंद्र राजकुमार और जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
समारोह को संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता, विभागीय जांच राहुल कुमार ने कहा कि हिंदी महज संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश की संस्कृति, परंपराओं और भावनाओं से गहराई से जुड़ी भाषा है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों को जोड़ने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर हिंदी के अधिक इस्तेमाल से आम लोगों तथा प्रशासन के बीच संवाद को और सरल एवं प्रभावी बनाया जा सकता है।
उन्होंने हिंदी के सम्मान के साथ-साथ इसके समृद्ध साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष चंद्र राजकुमार ने कहा कि हिंदी देश की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में जोड़ने का काम करती है। हिंदी के जरिए देश की लोक परंपराओं, साहित्य और सांस्कृतिक मूल्यों को व्यापक स्तर पर अभिव्यक्ति मिली है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी साहित्य पढ़ने और नियमित रूप से पठन-पाठन की आदत विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाषा के प्रति सम्मान और उसके समृद्ध प्रयोग से ही हिंदी निरंतर आगे बढ़ सकती है।
वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि हिंदी दिवस विद्यार्थियों में अपनी भाषा के प्रति गौरव और सम्मान की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विद्यालयों में हिंदी के अध्ययन के साथ विद्यार्थियों को हिंदी में लेखन, वाचन और अभिव्यक्ति के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि समय के साथ हिंदी का स्वरूप लगातार समृद्ध हो रहा है और नई पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी इसे और सशक्त बनाएगी।
कार्यक्रम के दौरान एमपी हाई स्कूल के मोहम्मद अंजुम रेजा, कमला बालिका उच्च विद्यालय के हरीकिशोर, प्रवीण कुमार, मनीष कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने हिंदी भाषा के महत्व, इसकी समृद्ध साहित्यिक परंपरा और वर्तमान दौर में इसकी प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि हिंदी देश की बड़ी आबादी द्वारा बोली और समझी जाने वाली भाषा है। जनसंचार, साहित्य, शिक्षा और सामाजिक संवाद के क्षेत्र में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके साथ ही यह देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने में भी अहम योगदान देती है।
हिंदी दिवस समारोह में सीतामढ़ी नगर के विभिन्न माध्यमिक एवं उच्च विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वरीय शिक्षक एस.एन. झा ने किया।
