प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सीतामढ़ी जिले में 8,300 गर्भवतियों की जांच, लगभग 810 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं प्रबंधन
सीतामढ़ी, बिहार। राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना के निर्देशानुसार सीतामढ़ी जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों—सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में “प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA)” का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना तथा गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। अभियान के तहत दूसरी एवं तीसरी तिमाही की गर्भवती महिलाओं को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर आमंत्रित कर रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, एचआईवी, यूरिन एल्ब्यूमिन, रक्त समूह, मधुमेह सहित विभिन्न आवश्यक जांचें की गईं। जांच के उपरांत महिलाओं को आवश्यक दवाएं, पोषण संबंधी परामर्श एवं सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं। साथ ही उच्च जोखिम वाले गर्भधारण (High Risk Pregnancy) की पहचान कर उनके समयबद्ध प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, डुमरा में सिविल सर्जन सीतामढ़ी डॉ. अखिलेश कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अक्षय कुमार, डीपीएम असित रंजन, जिला अनुश्रवण वा मूल्यांकन पदाधिकारी संतोष कुमार, जिला योजना समन्वयक दिनेश कुमार वो प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक अनुपमा सिंह द्वारा की गई। वहीं सदर अस्पताल सीतामढ़ी में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. मनोज कुमार, अस्पताल प्रबंधक विजय कुमार तथा पीरामल फाउंडेशन से जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार एवं कार्यक्रम लीड रोहित कुमार ने संयुक्त रूप से उदघाटन किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरसंड में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आर. के. सिंह , बीएचएम मोहम्मद सदरूदिन, बीसीएम कृष्णनंदन तथा पीरामल फाउंडेशन के कार्यक्रम लीड दुर्गा प्रसाद एवं नवनीत कुमार वो गांधी फेलो एंथोनी जोसफ की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिले के अन्य सभी स्वास्थ्य संस्थानों में संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा अभियान का सफल संचालन किया गया।
जिलेभर में आयोजित इस विशेष अभियान के दौरान कुल 8,300 से ऊपर गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के क्रम में लगभग 810 से अधिक उच्च जोखिम गर्भधारण (HRP) वाली महिलाओं को चिन्हित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन सभी उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का आवश्यक प्रबंधन, नियमित निगरानी एवं समयबद्ध चिकित्सीय परामर्श सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि प्रसव के दौरान संभावित जटिलताओं को कम किया जा सके तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके।
सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से नियमित प्रसव पूर्व जांच कराने तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
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