[24-08-2026 10:57 AM] Kulranjan Jha Prathvi News: *समाहरणालय, मधुबनी*
*जिला जनसंपर्क कार्यालय*
*प्रेस विज्ञप्ति*
*ई-निबंधन से पंजीकरण व्यवस्था में आएगी पारदर्शिता, सुगमता एवं जवाबदेही; नागरिकों को मिलेगा सरल और भरोसेमंद विकल्प*
*मधुबनी, 23 अगस्त 2026। बिहार सरकार द्वारा हाल ही में पंजीकरण व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में ई-निबंधन (e-Nibandhan) व्यवस्था लागू की गई है। तकनीक आधारित यह नई पहल पारंपरिक पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल प्रणाली से जोड़ते हुए निबंधन सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, व्यवस्थित, ट्रेसेबल एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।*
*ई-निबंधन के माध्यम से क्रेता एवं विक्रेता को पंजीकरण प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी और सेवाएं आधिकारिक माध्यम से प्राप्त करने में सुविधा होगी। इससे किसी विशेष मध्यस्थ पर निर्भरता कम होगी तथा नागरिकों को प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, निर्धारित सरकारी शुल्क और अधिकृत सेवा प्रदाताओं के संबंध में स्पष्ट एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। इससे पंजीकरण व्यवस्था को लेकर आम लोगों के बीच उत्पन्न भ्रम एवं भ्रांतियों को दूर करने में भी सहायता मिलेगी।*
*नई व्यवस्था के संक्रमण काल में पंजीकरण सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए जिले के DSR एवं सभी अवर निबंधक कार्यालयों की कार्यालयवार निगरानी की जा रही है। निर्धारित दैनिक लक्ष्य, वास्तविक पंजीकरण, लंबित मामलों तथा लक्ष्य से कम उपलब्धि के कारणों की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि आवश्यकता के अनुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके। सामान्य परिस्थितियों में जिले में प्रतिदिन लगभग 180 पंजीकरण होते हैं, जबकि 22 अगस्त 2026 को 23 पंजीकरण संपन्न हुए। वर्तमान कमी मुख्यतः डीड राइटर्स एवं स्टाम्प वेंडर्स के एसोसिएशन द्वारा दिए गए आह्वान से प्रभावित हुई है। जिले में कोई महत्वपूर्ण स्थानीय प्रतिरोध अथवा बड़ा तकनीकी व्यवधान नहीं है।*
*नागरिकों के लिए Help Desk की सुविधा*
*निबंधन कार्यालयों में Dedicated e-Nibandhan Help Desks सक्रिय किए जा रहे हैं। यहां क्रेता एवं विक्रेता को ई-निबंधन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, निर्धारित शुल्क एवं अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य नागरिकों को किसी विशेष मध्यस्थ पर निर्भर हुए बिना आधिकारिक माध्यम से पंजीकरण सेवा प्राप्त करने में सक्षम बनाना है।*
*नई व्यवस्था में डीड राइटर्स को भी सकारात्मक रूप से जोड़ा जा रहा है। वर्तमान डीड राइटर्स को e-Nibandhan Service Provider के रूप में नई प्रणाली में संक्रमण के लिए प्रोत्साहित एवं आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है, ताकि नई व्यवस्था में उनके अनुभव एवं सेवाओं का रचनात्मक उपयोग किया जा सके। डीड राइटर्स, स्टाम्प वेंडर्स एवं अन्य हितधारकों से संवाद एवं समन्वय स्थापित कर निर्बाध पंजीकरण सेवाओं में सहयोग की अपील की जा रही है। उनके वास्तविक परिचालन संबंधी मुद्दों का भी नियमानुसार समाधान किया जाएगा।*
*भ्रम एवं भ्रांतियों को दूर करेगा विशेष IEC अभियान*
*ई-निबंधन के लाभों एवं प्रक्रिया की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा Social Media एवं IEC Campaign संचालित किया जाएगा। सरल भाषा में इन्फोग्राफिक्स, शॉर्ट वीडियो, FAQ एवं प्रक्रिया-प्रवाह चार्ट के माध्यम से नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज, आधिकारिक शुल्क, पंजीकरण प्रक्रिया, अधिकृत सेवा प्रदाताओं की भूमिका तथा Paperless Workflow की वास्तविक प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी।*
*यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि Paperless Workflow का अर्थ आवश्यक भौतिक प्रिंटआउट की सुविधा समाप्त होना नहीं है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नागरिकों को आवश्यक प्रिंटआउट उपलब्ध रहेंगे। निबंधन कार्यालयों में Process Flow, FAQ, Help Desk विवरण तथा शिकायत/संपर्क नंबर भी प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे।*
*तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान*
*निबंधन कार्यालयों में सामने आने वाली वास्तविक सॉफ्टवेयर अथवा तकनीकी समस्याओं की तत्काल पहचान एवं समाधान के लिए Rapid Response Mechanism विकसित किया जा रहा है। विभागीय तकनीकी टीम के साथ समन्वय कर तकनीकी कठिनाइयों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।*
*सफलतापूर्वक ई-निबंधन कराने वाले क्रेता एवं विक्रेताओं के अनुभवों और Success Stories को भी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया जाएगा। इससे आम नागरिकों में नई व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ेगा तथा इसकी सरलता, पारदर्शिता एवं ट्रेसेबिलिटी के संबंध में सकारात्मक जानकारी प्राप्त होगी।*
[24-08-2026 10:57 AM] Kulranjan Jha Prathvi News: *ई-निबंधन केवल पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की पहल नहीं, बल्कि बिहार में पंजीकरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, नागरिक-केंद्रित, जवाबदेह और भरोसेमंद बनाने की नई दिशा है। जिला प्रशासन द्वारा कार्यालयवार पंजीकरण, लंबित मामलों एवं कम उपलब्धि के कारणों की दैनिक समीक्षा करते हुए सामान्य पंजीकरण स्तर बहाल करने तथा नागरिकों को निर्बाध एवं बेहतर सेवा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।*
*ई-निबंधन — सरल प्रक्रिया, पारदर्शी व्यवस्था और नागरिकों के विश्वास की नई पहल।*
![[24-08-2026 10:57 AM] Kulranjan Jha Prathvi News: *समाहरणालय, मधुबनी* *जिला जनसंपर्क कार्यालय* *प्रेस विज्ञप्ति* *ई-निबंधन से पंजीकरण व्यवस्था में आएगी पारदर्शिता, सुगमता एवं जवाबदेही; नागरिकों को मिलेगा सरल और भरोसेमंद विकल्प* *मधुबनी, 23 अगस्त 2026। बिहार सरकार द्वारा हाल ही में पंजीकरण व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में ई-निबंधन (e-Nibandhan) व्यवस्था लागू की गई है। तकनीक आधारित यह नई पहल पारंपरिक पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल प्रणाली से जोड़ते हुए निबंधन सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, व्यवस्थित, ट्रेसेबल एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।* *ई-निबंधन के माध्यम से क्रेता एवं विक्रेता को पंजीकरण प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी और सेवाएं आधिकारिक माध्यम से प्राप्त करने में सुविधा होगी। इससे किसी विशेष मध्यस्थ पर निर्भरता कम होगी तथा नागरिकों को प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, निर्धारित सरकारी शुल्क और अधिकृत सेवा प्रदाताओं के संबंध में स्पष्ट एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। इससे पंजीकरण व्यवस्था को लेकर आम लोगों के बीच उत्पन्न भ्रम एवं भ्रांतियों को दूर करने में भी सहायता मिलेगी।* *नई व्यवस्था के संक्रमण काल में पंजीकरण सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए जिले के DSR एवं सभी अवर निबंधक कार्यालयों की कार्यालयवार निगरानी की जा रही है। निर्धारित दैनिक लक्ष्य, वास्तविक पंजीकरण, लंबित मामलों तथा लक्ष्य से कम उपलब्धि के कारणों की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि आवश्यकता के अनुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके। सामान्य परिस्थितियों में जिले में प्रतिदिन लगभग 180 पंजीकरण होते हैं, जबकि 22 अगस्त 2026 को 23 पंजीकरण संपन्न हुए। वर्तमान कमी मुख्यतः डीड राइटर्स एवं स्टाम्प वेंडर्स के एसोसिएशन द्वारा दिए गए आह्वान से प्रभावित हुई है। जिले में कोई महत्वपूर्ण स्थानीय प्रतिरोध अथवा बड़ा तकनीकी व्यवधान नहीं है।* *नागरिकों के लिए Help Desk की सुविधा* *निबंधन कार्यालयों में Dedicated e-Nibandhan Help Desks सक्रिय किए जा रहे हैं। यहां क्रेता एवं विक्रेता को ई-निबंधन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, निर्धारित शुल्क एवं अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य नागरिकों को किसी विशेष मध्यस्थ पर निर्भर हुए बिना आधिकारिक माध्यम से पंजीकरण सेवा प्राप्त करने में सक्षम बनाना है।* *नई व्यवस्था में डीड राइटर्स को भी सकारात्मक रूप से जोड़ा जा रहा है। वर्तमान डीड राइटर्स को e-Nibandhan Service Provider के रूप में नई प्रणाली में संक्रमण के लिए प्रोत्साहित एवं आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है, ताकि नई व्यवस्था में उनके अनुभव एवं सेवाओं का रचनात्मक उपयोग किया जा सके। डीड राइटर्स, स्टाम्प वेंडर्स एवं अन्य हितधारकों से संवाद एवं समन्वय स्थापित कर निर्बाध पंजीकरण सेवाओं में सहयोग की अपील की जा रही है। उनके वास्तविक परिचालन संबंधी मुद्दों का भी नियमानुसार समाधान किया जाएगा।* *भ्रम एवं भ्रांतियों को दूर करेगा विशेष IEC अभियान* *ई-निबंधन के लाभों एवं प्रक्रिया की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा Social Media एवं IEC Campaign संचालित किया जाएगा। सरल भाषा में इन्फोग्राफिक्स, शॉर्ट वीडियो, FAQ एवं प्रक्रिया-प्रवाह चार्ट के माध्यम से नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज, आधिकारिक शुल्क, पंजीकरण प्रक्रिया, अधिकृत सेवा प्रदाताओं की भूमिका तथा Paperless Workflow की वास्तविक प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी।* *यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि Paperless Workflow का अर्थ आवश्यक भौतिक प्रिंटआउट की सुविधा समाप्त होना नहीं है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नागरिकों को आवश्यक प्रिंटआउट उपलब्ध रहेंगे। निबंधन कार्यालयों में Process Flow, FAQ, Help Desk विवरण तथा शिकायत/संपर्क नंबर भी प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे।* *तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान* *निबंधन कार्यालयों में सामने आने वाली वास्तविक सॉफ्टवेयर अथवा तकनीकी समस्याओं की तत्काल पहचान एवं समाधान के लिए Rapid Response Mechanism विकसित किया जा रहा है। विभागीय तकनीकी टीम के साथ समन्वय कर तकनीकी कठिनाइयों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।* *सफलतापूर्वक ई-निबंधन कराने वाले क्रेता एवं विक्रेताओं के अनुभवों और Success Stories को भी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया जाएगा। इससे आम नागरिकों में नई व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ेगा तथा इसकी सरलता, पारदर्शिता एवं ट्रेसेबिलिटी के संबंध में सकारात्मक जानकारी प्राप्त होगी।* [24-08-2026 10:57 AM] Kulranjan Jha Prathvi News: *ई-निबंधन केवल पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की पहल नहीं, बल्कि बिहार में पंजीकरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, नागरिक-केंद्रित, जवाबदेह और भरोसेमंद बनाने की नई दिशा है। जिला प्रशासन द्वारा कार्यालयवार पंजीकरण, लंबित मामलों एवं कम उपलब्धि के कारणों की दैनिक समीक्षा करते हुए सामान्य पंजीकरण स्तर बहाल करने तथा नागरिकों को निर्बाध एवं बेहतर सेवा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।* *ई-निबंधन — सरल प्रक्रिया, पारदर्शी व्यवस्था और नागरिकों के विश्वास की नई पहल।](https://prithvinewschannel.com/wp-content/uploads/2026/08/photo_2026-08-24_14-35-16-724x1024.jpg)