किसी बेटी के साथ हुई ऐसी अमानवीय घटना की कल्पना मात्र से मन व्यथित हो उठता है। सोचकर ही रूह कांप जाती है कि उसने कितनी पीड़ा, कितना भय और कितनी बेबसी झेली होगी। एक पिता, एक भाई, एक इंसान होने के नाते यह दर्द शब्दों में व्यक्त करना कठिन है।

ऐसे अपराध केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे समाज और मानवता के खिलाफ होते हैं। हर पीड़िता को समय पर न्याय, सम्मान और सुरक्षा मिलना हमारा सामूहिक दायित्व है।

मेरी प्रार्थना है कि इस मामले की निष्पक्ष, तेज और वैज्ञानिक जांच हो, सभी दोषियों को कानून के अनुसार कठोरतम दंड मिले और किसी भी अपराधी को कानून की कमजोरियों का लाभ न मिल सके। न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ भी दिखना चाहिए।

ईश्वर दिवंगत बेटी की आत्मा को शांति दे, उसके परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करे और हमारे समाज को ऐसी घटनाओं के विरुद्ध और अधिक संवेदनशील तथा सजग बनाए।

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