सीताराम हनुमान और परशुराम भगवान के प्राण प्रतिष्ठा पूजन समारोह तिलक ताजपुर हनुमान मंदिर में आयोजित किया गया।आयोजन समिति ने भव्य कलश शोभा यात्रा में पांच सौ एक कन्याओं ने बागमती नदी से जल लेकर पैदल यात्रा की।यात्रा में छह घोड़ा शोभा यात्रा में भक्तों के संग चल रहे थे।यज्ञाचार्य विपिन झा के संग छह ब्राह्मण देवता प्राण प्रतिष्ठा पूजन किए।मुख्य यजमान आनंद कुमार सपत्नीक यज्ञ पूजन किए।साथ ही उपयजमान श्याम बाबू सिंह एवं नवीन कुमार यज्ञ सहायक की भूमिका निभाई।
संध्या सात बजे से श्री धाम वृंदावन से आए कथावाचिका पूर्णिमा गार्गी जी के श्री मुख से श्री राम कथा आयोजित की गई।श्री राम कथा के यजमान समाजसेवी श्री नारायण सिंह एवं उनकी धर्म पत्नि संझा देवी ने व्यास पूजन एवं आरती की।सभी संगीत साधकों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया ।श्री राम कथा के संयोजक विमल कुमार परिमल ने आयोजन समिति की ओर से कथाव्यास को सम्मानित किए।बागमती नदी के विभीषिका से भी हिम्मत न हारने वाले ग्रामीणों की ओर से व्यास पीठ का स्वागत किए।इन्होंने कहा श्री राम कथा का यह आयोजन हृदय में भक्ति भाव से किया गया है।ग्रामीणों के उत्साह को दिव्य कथा से भक्ति भाव विश्वास समर्पण श्रद्धा निष्ठा को मजबूती मिलेगी।
पूर्णिमा गार्गी जी ने कहा मर्यादा पुरुषोत्तम राम और जगत जननी सीता के जीवन चरित का गायन घर घर में हो।राम राष्ट्र के आराध्य है।सीता नारी शक्ति की सर्वोत्तम आदर्श है।रामायण परिवार को जीने का आदर्श सिखाता है।भाई मां पिता ससुर सास सबके प्रति कर्तव्य बोध सीखलाता है।अपने गुरु के प्रति सदा समर्पित रहकर कोई भी काम करना चाहिए।राम अपने माता पिता और गुरु की आज्ञा पालन किए।राम मर्यादित जीवन जीये इसलिए मर्यादा पुरुषोत्तम हुए।
श्री राम कथा में सीता संवाद निदेशक आग्नेय कुमार ने कथा संचालन की जिम्मेदारी निभाते हुए सीता के जीवन चरित और गुण महिमा सुनाई।आयोजन समिति के अध्यक्ष सीताराम सिंह सचिव डॉक्टर लाल बाबू सिंह कोषाध्यक्ष श्याम बाबू सिंह भाजपा मंडल अध्यक्ष दिलीप सिंह मुखिया पंकज कुमार चन्देश्वर सिंह,डॉक्टर आशा कुमारी चंचला देवी जागृति कुमारी समेत हजारों भक्तों ने कथा श्रवण किया।

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