सीतामढ़ी। जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में गुरुवार को परिचर्चा भवन में जिले के विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, राज्य सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति तथा विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति का मूल्यांकन करना था।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. आर. के. यादव, डीपीआरओ कमल सिंह, सीडीओ डॉ. जेड. जावेद, डीआईओ मुकेश कुमार, जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम असित रंजन, डीपीसी दिनेश कुमार, आरबीएसके जिला समन्वयक प्रतीक यादव, डीएम एंड ई संतोष कुमार, पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार, दुर्गा प्रसाद एवं बिकेश कुमार, पीएसआई (इंडिया) के विनय कुमार, वाधवानी एआई के राकेश कुमार सहित जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक और प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक मौजूद रहे।
समीक्षा के दौरान राज्य सरकार के निर्देशानुसार संचालित टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में टीबी रोगियों की समय पर पहचान, जांच, उपचार, उपचार की सफलता दर तथा निक्षय पोषण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टीबी मुक्त सीतामढ़ी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी स्तरों पर नियमित निगरानी और समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाएं।
बैठक में 11 से 31 जुलाई तक चल रहे जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा के तहत परिवार नियोजन सेवाओं, योग्य दंपत्तियों की काउंसलिंग और विभिन्न गर्भनिरोधक साधनों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान तथा समय पर रेफरल व्यवस्था का भी मूल्यांकन किया गया।
इस दौरान संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, सी-सेक्शन सेवाएं, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, 102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता और रिस्पॉन्स टाइम, एक्यूट एन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) की तैयारियों सहित अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। विभिन्न प्रखंडों के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने जिले की हालिया उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। उन्होंने बताया कि जून 2026 में संस्थागत प्रसव के मामले में सीतामढ़ी ने पूरे बिहार में सातवां स्थान हासिल किया है, जबकि जन्म के समय लिंगानुपात (Sex Ratio at Birth) के मामले में जिला राज्य में दूसरे स्थान पर रहा है। उन्होंने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों से इन उपलब्धियों को बनाए रखते हुए अन्य स्वास्थ्य सूचकांकों में भी लगातार सुधार सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
जिला पदाधिकारी ने कार्य में लगातार लापरवाही बरतने पर बोखरा प्रखंड के बीएचएम के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वहीं बैरगनिया, बोखरा, रीगा, बाजपट्टी, परिहार, डुमरा और रुन्नीसैदपुर प्रखंडों में लगातार कम संस्थागत प्रसव होने पर संबंधित प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरकों (BCM) का वेतन स्थगित करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया।
उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. आर. के. यादव को निर्देश दिया कि जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए Jio Tag Location के माध्यम से उपस्थिति का सत्यापन कराया जाए। साथ ही सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित रूप से उपस्थित रहकर स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी निगरानी करें और चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित करें।
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह निर्धारित स्वास्थ्य सूचकांकों की समीक्षा करने तथा जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रभावी मॉनिटरिंग, डेटा की गुणवत्ता और समय पर रिपोर्टिंग पर विशेष बल दिया।
