सीतामढ़ी, 5 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को उनके उत्पादों की ब्रांड पहचान और प्रभावी विपणन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला उद्योग केंद्र, सीतामढ़ी के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय, मुजफ्फरपुर की ओर से मुख्य अतिथि एवं अन्वेषक श्री भीमसेन, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक सुश्री प्रिया भारती तथा अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
शिविर के दौरान प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को व्यवसाय से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों और उनके समाधान की जानकारी दी गई। LDM सीतामढ़ी श्री अनिल कुमार सिंह ने लाभार्थियों को ऋण प्राप्त करने में आने वाली परेशानियों और उनके सुगम समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में लाभार्थियों को ब्रांड पहचान विकसित करने, उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने और आधुनिक मार्केटिंग तकनीकों के इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स यानी E-Commerce प्लेटफॉर्म से जुड़कर अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।
लाभार्थियों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग के बारे में भी बताया गया। उन्हें जानकारी दी गई कि ChatGPT और अन्य Artificial Intelligence (AI) आधारित डिजिटल टूल्स की मदद से उत्पादों के नाम, आकर्षक विवरण, विज्ञापन सामग्री, प्रचार संदेश और ग्राहक संवाद तैयार किए जा सकते हैं।
इसके अलावा AI आधारित साधनों का इस्तेमाल बाजार अनुसंधान, सोशल मीडिया कंटेंट और ग्राहकों की जरूरतों को समझने के लिए भी किया जा सकता है। इससे पारंपरिक कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों की बेहतर प्रस्तुति और प्रचार में मदद मिल सकती है।
शिविर में लाभार्थियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि उपलब्ध सरकारी सहायता का लाभ उठाकर लाभार्थी अपने पारंपरिक हुनर और कारोबार को आगे बढ़ा सकते हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को बेहतर ब्रांडिंग, प्रभावी मार्केटिंग, डिजिटल तकनीक, AI और E-Commerce के माध्यम से अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए सक्षम बनाना रहा।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़े 100 से अधिक लाभार्थियों के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
