सीतामढ़ी। जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने बुधवार, 9 सितंबर 2026 को रुन्नीसैदपुर, नानपुर और बोखरा के प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालयों में चल रहे प्रशासनिक कार्यों, विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आम लोगों से जुड़ी सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की। नानपुर और बोखरा में जिलाधिकारी ने प्रखंड एवं अंचल स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास योजनाओं और राजस्व से जुड़े मामलों की विस्तृत जानकारी ली।

बैठक में डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ किया जाए। योजनाओं में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखते हुए सभी कार्य समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य जनहित होना चाहिए। आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में किसी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कार्यालयी अभिलेखों और पंजियों की जांच

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालयों में रखी विभिन्न पंजियों और अभिलेखों का भी अवलोकन किया। उन्होंने कैश बुक, आगत-निर्गत पंजी, उपस्थिति पंजी समेत अन्य रिकॉर्ड की जांच की और उनके संधारण एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। डीएम ने सभी अभिलेखों को नियमानुसार अपडेट रखने तथा कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने का निर्देश दिया।

सहयोग शिविर को प्रभावी बनाने पर जोर

सहयोग शिविर की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि इसमें अधिक से अधिक पात्र लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए पंचायत और गांव स्तर पर डोर-टू-डोर प्रचार-प्रसार कराने तथा आम लोगों को उपलब्ध सेवाओं एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि शिविर में प्राप्त आवेदनों को समय पर डिजिटाइज किया जाए। इसके बाद आवेदनों की जांच और उनके निष्पादन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। स्वीकृत सेवाओं और निष्पादित आवेदनों का लाभ शिविर के दिन ही संबंधित लाभुकों को उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि सहयोग शिविर केवल आवेदन जमा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह ऐसा माध्यम बने जहां लोगों को अधिकतम सेवाओं और योजनाओं का लाभ मौके पर ही मिल सके।

दाखिल-खारिज और राजस्व मामलों के जल्द निपटारे के निर्देश

बैठक में दाखिल-खारिज, परिमार्जन और राजस्व से जुड़े अन्य मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित मामलों का नियमानुसार और निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। आवेदकों को उनके मामलों की प्रगति से जुड़ी जानकारी भी आसानी से उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें बार-बार कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।

नल-जल योजनाओं के लंबित भुगतान का होगा निष्पादन

डीएम ने नल-जल योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने नल-जल अनुरक्षकों के लंबित भुगतान का नियमानुसार जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया। इसके अलावा जिन नल-जल योजनाओं का संचालन किसी कारण से बंद या लंबित है, उन्हें आवश्यक कार्रवाई के बाद जल्द चालू कराने को कहा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से जुड़ी योजनाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

आम लोगों से शिष्ट व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश

बैठक के बाद जिलाधिकारी ने प्रखंड एवं अंचल कार्यालय परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने विभिन्न शाखाओं और कार्यालयों में चल रहे कार्यों की जानकारी ली तथा संबंधित कर्मियों से उनके दायित्वों के बारे में पूछा।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। कार्यालय में आने वाले नागरिकों के साथ शिष्ट, संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

डीएम ने कहा कि किसी भी नागरिक की समस्या को गंभीरता से सुनना और उसके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करना अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। लोगों की समस्याओं को टालने के बजाय नियमानुसार उनके त्वरित समाधान की दिशा में कार्रवाई की जानी चाहिए।

कार्यालय परिसर में साफ-सफाई पर भी जोर

जिलाधिकारी ने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुव्यवस्थित कार्यालय का कार्य संस्कृति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है तथा आम लोगों को भी बेहतर अनुभव मिलता है।

निरीक्षण के अंत में डीएम ने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों में सहजता, सम्मान और समयबद्ध सेवा का अनुभव मिले।

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