सीतामढ़ी। जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने 9 सितंबर 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नानपुर और बोखरा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों और शाखाओं का भ्रमण किया। उन्होंने एक्स-रे कक्ष, इमरजेंसी सेवा, ओपीडी, दवा वितरण कक्ष समेत अन्य महत्वपूर्ण विभागों का निरीक्षण किया। संबंधित कर्मियों से उन्होंने उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और सेवाओं के संचालन की जानकारी ली। साथ ही यह भी देखा कि मरीजों को आवश्यक जांच और उपचार निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर मिल रहा है या नहीं।
मरीजों और परिजनों से लिया स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक
जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से अस्पताल में मिलने वाले उपचार, दवाओं, जांच और अन्य सुविधाओं को लेकर फीडबैक प्राप्त किया।
उन्होंने दोनों स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता तथा अस्पताल की समग्र व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
डीएम ने निर्देश दिया कि अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत, सुव्यवस्थित और मरीज-केंद्रित बनाया जाए। स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर आवश्यक जांच, उपचार और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
इमरजेंसी सेवा और दवाओं की उपलब्धता पर जोर
जिलाधिकारी ने इमरजेंसी सेवाओं को प्रभावी और तत्पर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यक दवाओं और जांच सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल में किसी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए अस्पताल की कार्यप्रणाली को लगातार बेहतर बनाने और मरीजों की जरूरतों के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आम लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इन केंद्रों पर आने वाले मरीजों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। दोनों स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने और अस्पताल की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने उम्मीद जताई कि व्यवस्थाओं में सुधार के साथ आम लोगों को स्थानीय स्तर पर ही समय पर बेहतर और भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
