सीतामढ़ी जिले में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल होने जा रही है। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय–3 (2025–30) के तहत जिले के 9 प्रखंडों में नए राजकीय महाविद्यालयों की शुरुआत की जाएगी। इन कॉलेजों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों को अब अपने ही क्षेत्र में स्नातक स्तर की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।

15 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से इन नवस्थापित राजकीय महाविद्यालयों का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर समाहरणालय स्थित विमर्श कक्ष में जिलाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

जिले के बाजपट्टी, बोखरा, चोरौत, मेजरगंज, नानपुर, परसौनी, रुन्नीसैदपुर, सोनबरसा और सुप्पी प्रखंडों में स्थापित इन महाविद्यालयों में स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू की जाएगी। प्रशासन के अनुसार कॉलेज संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक और शैक्षणिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने कहा कि इन महाविद्यालयों के खुलने से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को बड़ा लाभ मिलेगा। अब विद्यार्थियों को डिग्री की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की मजबूरी कम होगी। इससे समय और आर्थिक खर्च दोनों की बचत होगी।

विशेष रूप से छात्राओं के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उन्हें घर के नजदीक सुरक्षित माहौल में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे जिले में शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।

बैठक में उप विकास आयुक्त संदीप कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र मणि त्रिपाठी सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

बिहार सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नए कॉलेजों के शुरू होने से सीतामढ़ी जिले में शिक्षा व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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