आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

रिपोर्ट: सीतामढ़ी

सीतामढ़ी। बिहार सरकार के ‘सात निश्चय-3 (2025-30)’ के तहत शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। रविवार, 19 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय स्थित IOCL स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह से राज्य के 551 ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ (आदर्श विद्यालयों) का वर्चुअल उद्घाटन किया।

इस अवसर पर सीतामढ़ी जिले के 17 विद्यालयों का भी वर्चुअल उद्घाटन किया गया। जिले में मुख्य कार्यक्रम एम.पी. हाई स्कूल में आयोजित हुआ, जहां जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों, शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने समारोह का सीधा प्रसारण देखा।

आदर्श विद्यालयों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

‘सरस्वती विद्या निकेतन’ विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों के समान आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इन विद्यालयों में तकनीक आधारित शिक्षा के साथ बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इन आदर्श विद्यालयों में मुख्य रूप से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के छात्रों को समान शैक्षणिक अवसर मिल सकें।

शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव की पहल: सांसद

कार्यक्रम में उपस्थित सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव का आधार बनेगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस इन विद्यालयों के माध्यम से जिले के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध: डीएम

जिलाधिकारी रिची पांडेय ने कहा कि ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ विद्यालयों की स्थापना राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इन विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से युक्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी।

उन्होंने कहा कि इससे छात्रों की शैक्षणिक क्षमता, तकनीकी दक्षता और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की संभावनाएं मजबूत होंगी। जिला प्रशासन इन विद्यालयों के प्रभावी संचालन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी, शिक्षक और संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।


 

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