पटना। पूर्व राष्ट्रीय महासचिव युवा राजद श्याम नंदन कुमार यादव ने अपने एक पुराने राजनीतिक संस्मरण को सार्वजनिक किया है। उन्होंने बताया कि एक समय उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर बिहार में सपा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने को लेकर चर्चा की थी। हालांकि, उस समय राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के सामने आए राजनीतिक संकट को देखते हुए अखिलेश यादव ने उन्हें कोई नई जिम्मेदारी देने के बजाय लालू प्रसाद यादव के साथ खड़े रहने की बात कही थी।
श्याम नंदन यादव के अनुसार, उस दौर में वे ऑल इंडिया यादव महासभा के झारखंड प्रदेश युवा प्रभारी के साथ-साथ राजद के युवा संगठन में राष्ट्रीय महासचिव की भूमिका निभा रहे थे। उनका कहना है कि उस समय राजद में आंतरिक लोकतंत्र की स्थिति को लेकर वे असंतुष्ट थे और उन्हें लगता था कि ईमानदार, समर्पित और मेहनती कार्यकर्ताओं को अपेक्षित महत्व नहीं मिल रहा है।
इसी दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि ऑल इंडिया यादव महासभा के तत्कालीन उत्तर प्रदेश अध्यक्ष और तत्कालीन मंत्री स्वर्गीय जगदेव सिंह यादव के माध्यम से अखिलेश यादव से मुलाकात का समय तय हुआ। इसके बाद वे लखनऊ पहुंचे, जहां सपा मुख्यालय में जगदेव सिंह यादव के साथ उनकी अखिलेश यादव से मुलाकात हुई।
श्याम नंदन यादव ने दावा किया कि उनके बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। इसी दौरान अखिलेश यादव ने उन्हें बताया कि लालू प्रसाद यादव उस समय गंभीर राजनीतिक संकट में थे और जेल जा चुके थे। यात्रा के दौरान इसकी जानकारी नहीं मिल पाने के कारण श्याम नंदन यादव को इस घटनाक्रम की जानकारी नहीं थी।
उनके मुताबिक, अखिलेश यादव ने उनसे कहा कि इस समय लालू प्रसाद यादव संकट में हैं और वे बिहार में राजद के लिए कोई अतिरिक्त संकट खड़ा नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सभी को मिलकर लालू प्रसाद यादव के लिए संघर्ष करने की जरूरत है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि श्याम नंदन यादव की बात उनके संज्ञान में रहेगी और उचित समय आने पर उन्हें बुलाया जाएगा।
श्याम नंदन यादव ने कहा कि उस समय वे प्रदेश अध्यक्ष का पद नहीं मिलने से कुछ निराश जरूर हुए, लेकिन अखिलेश यादव के रुख से उनके मन में उनके प्रति सम्मान और बढ़ गया। उन्होंने बताया कि लखनऊ से लौटते समय उन्होंने ट्रेन में यह संकल्प लिया कि जब तक लालू प्रसाद यादव उनके बीच हैं, वे हर परिस्थिति में उनके साथ रहेंगे।
उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्होंने राजद छोड़ने के बारे में कभी नहीं सोचा और पार्टी में ईमानदारी, समर्पण, निष्ठा और निष्काम भाव से काम करते रहे। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए श्याम नंदन यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को नए तरीके से तैयार कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें तेजस्वी यादव से किसी विशेष उम्मीद या पद की अपेक्षा नहीं है और वे स्वयं को पार्टी के मौजूदा संगठनात्मक ढांचे में फिट नहीं मानते।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने ‘जय लालू, जय समाजवाद’ का नारा दिया।
इस बीच, रविंद्र कुमार ने भी श्याम नंदन यादव के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि श्याम नंदन यादव का दोबारा ऑपरेशन हुआ है। रविंद्र कुमार अपनी पत्नी पूनम कुमारी के साथ उनके आवास पर पहुंचे और उनके जल्द स्वस्थ होने तथा पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
नोट: अखिलेश यादव से मुलाकात और उस समय हुई बातचीत से जुड़े विवरण श्याम नंदन यादव द्वारा साझा किए गए संस्मरण पर आधारित हैं।