प्रेस विज्ञप्ति दिनांक -21/09/2026

मधुबनी में दो दिवसीय तिलहन खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन, किसानों को दी गई उन्नत कृषि तकनीक की जानकारी

मधुबनी, 21 सितम्बर 2026।
जिला के अंदर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम अंतर्गत “तिलहन की खेती” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त कृषि भवन सभागार, माहीनाथपुर, मधुबनी में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को तिलहन फसलों की आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती, उन्नत तकनीक, पोषक तत्व प्रबंधन तथा फसल सुरक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक, आत्मा, मधुबनी श्री सुदामा ठाकुर ने किसानों को तिलहन फसलों की समय पर बुआई करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सही समय पर फसल की बुआई करने से फसल की अच्छी वृद्धि एवं बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने मधुबनी जिले के किसानों को सरसों, तोरी, तीसी सहित अन्य तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया।

कृषि विज्ञान केन्द्र, बसैठा के वरीय वैज्ञानिक श्री मंगलानंद झा ने किसानों को सरसों, तोरी एवं तीसी फसलों की आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फसल उत्पादन में पोषक तत्वों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए तिलहन फसलों में सल्फर के प्रयोग की सलाह किसानों को दी।

उप परियोजना निदेशक, आत्मा, मधुबनी श्री नंदन ने आत्मा द्वारा संचालित विभिन्न क्रियाकलापों तथा कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी किसानों को दी। उन्होंने किसानों से विभागीय योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ उठाकर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की।

कृषि विज्ञान केन्द्र, सुखेत के वैज्ञानिक (पौधा संरक्षण) डॉ. राहुल सिंह राजपूत ने सरसों की फसल में लगने वाले प्रमुख रोगों एवं उनके रोकथाम तथा प्रबंधन के संबंध में किसानों को तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने किसानों को रोगों की समय पर पहचान कर उचित प्रबंधन उपाय अपनाने की सलाह दी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक श्री सुदामा ठाकुर, वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान, उप परियोजना निदेशक, सहायक निदेशक (शस्य), सहायक निदेशक (बीज विपणन), बीटीएम श्री शिव कुमार सिंह सहित कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के पदाधिकारी/वैज्ञानिक तथा सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को तिलहन फसलों की वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया गया तथा जिले में तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार एवं उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया गया।

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