सीतामढ़ी : विश्व मानव तस्करी निरोध दिवस के अवसर पर श्री संजीव कुमार सिंह, कमांडेंट, 51वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल, सीतामढ़ी-II के निर्देशन में सशस्त्र सीमा बल, 51वीं वाहिनी एवं अदिथी कवच परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में “मानव तस्करी की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु विस्तृत परिचर्चा” का आयोजन 51वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल, सीतामढ़ी स्थित सभाकक्ष में किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं मार्गदर्शन श्री जय प्रकाश कुमार ,उप कमांडेंट द्वारा किया गया। परिचर्चा में 51वीं वाहिनी के लगभग 60 बलकर्मी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे, जबकि बटालियन क्षेत्राधिकार की सभी कंपनियों के अधिकारी एवं कर्मी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री जय प्रकाश कुमार, उप कमांडेंट ने कहा कि मानव तस्करी एक संगठित एवं गंभीर अपराध है, जिसका प्रभाव केवल पीड़ित व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा एवं मानव गरिमा पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल मानव तस्करी की रोकथाम के लिए निरंतर सतर्कता, प्रभावी निगरानी तथा स्थानीय प्रशासन एवं सहयोगी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी जवानों से आह्वान किया कि संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सजग रहते हुए अपने कर्तव्यों का संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन करें। कन्वर्जेंस विशेषज्ञ श्री मनीष कुमार ने मानव तस्करी के स्वरूप, कारणों, तस्करों के तौर-तरीकों, कानूनी प्रावधानों तथा रोकथाम के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता, विभागीय समन्वय और सामुदायिक सहभागिता ही मानव तस्करी के विरुद्ध सबसे प्रभावी हथियार हैं। कन्वर्जेंस विशेषज्ञ सह बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री मुकुंद कुमार चौधरी ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी की चुनौतियों, पीड़ितों की पहचान, सुरक्षित हस्तक्षेप, बचाव एवं पुनर्वास की प्रक्रिया तथा सामुदायिक सतर्कता के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना, त्वरित कार्रवाई और सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयास से मानव तस्करी जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने मानव तस्करी के विरुद्ध जन-जागरूकता बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने तथा मानव तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सामूहिक एवं समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया।
