लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र स्थित सलेमपुर पतौरा में मंगलवार रात 25 वर्षीय विवाहिता तैय्यबा खातून की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद ससुराल पक्ष उन्हें इलाज के लिए राजाजीपुरम स्थित अस्पताल लेकर पहुंचा और इसकी सूचना मायके वालों को दी। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो आरोप है कि ससुराल पक्ष शव छोड़कर वहां से जा चुका था।
मृतका के भाई हबीबुर्रहमान की शिकायत पर पारा थाने में पति समेत ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
हबीबुर्रहमान ने पुलिस को बताया कि वह बलरामपुर जिले के उतरौला क्षेत्र के राम नगरिया गांव के निवासी हैं। उनकी बहन तैय्यबा खातून का निकाह 22 फरवरी 2025 को सलेमपुर पतौरा निवासी अब्दुल रहमान के साथ हुआ था।
शिकायत के अनुसार, शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष कथित रूप से दहेज की मांग को लेकर तैय्यबा को प्रताड़ित करता था। आरोप है कि 12 अक्टूबर 2025 को पति अब्दुल रहमान और उसके परिवार ने कारोबार के लिए तैय्यबा के भाई से 8 लाख रुपये भी लिए थे।
परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त रुपये लाने का दबाव बनाया जाता रहा। पीड़िता ने कथित तौर पर इस प्रताड़ना की जानकारी अपने मायके वालों को भी दी थी। इसके बाद परिवार ने ससुराल पक्ष से बातचीत की, जिन्होंने भविष्य में ऐसा व्यवहार न करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आरोप है कि प्रताड़ना जारी रही।
शिकायत के मुताबिक, मंगलवार शाम मृतका के ससुर इसरारुल हक ने हबीबुर्रहमान को फोन कर राजाजीपुरम स्थित अस्पताल पहुंचने के लिए कहा। अस्पताल पहुंचने पर परिजनों को तैय्यबा की मौत की जानकारी मिली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
