रेल यात्रियों को बेहतर खानपान सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में रुड़की रेलवे स्टेशन पर फूड वैन शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है।
रेलवे स्टेशन परिसर की खाली पड़ी भूमि पर फूड वैन के लिए स्टॉल विकसित किए जाएंगे, जहां यात्रियों को विभिन्न प्रकार के व्यंजन एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगे। प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए रेलवे प्रशासन ने जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
रोजाना 50 हजार से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही
दरअसल रुड़की अमृत भारत योजना में चयनित प्रथम श्रेणी का रेलवे का स्टेशन है। यहां प्रतिदिन 50 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही रहती है। रेलवे प्रशासन स्टेशन परिसर की खाली पड़ी जमीन का उपयोग कर यहां फूड वैन संचालित करने की योजना पर काम कर रहा है।
इससे न केवल यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण और विविध खानपान सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और छोटे उद्यमियों के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। रेलवे हाल ही में गैर-किराया राजस्व बढ़ाने की दिशा में कई कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में देशभर के रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध खाली स्थानों का व्यावसायिक उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
रुड़की स्टेशन पर भी ऐसी संभावनाओं को देखते हुए फूड वैन के लिए स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं। योजना के तहत स्टेशन परिसर में निर्धारित स्थानों पर विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिए फूड वैन खड़ी की जा सकेंगी। यात्रियों को इससे स्थानीय व्यंजनों के साथ-साथ फास्ट फूड, स्नैक्स और अन्य खाद्य सामग्री के विकल्प मिलेंगे। फूड वैन शुरू होने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी। फिलहाल फूड वैन सहारनपुर स्टेशन के लिए भी प्रस्तावित है।
स्टेशन के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक (सीएमआई) राजकुमार ने बताया कि फूड वैन संचालन के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद फूड वैन आवंटन की कार्रवाई शुरू होगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह पहल स्टेशन की आय बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को भी बढ़ावा देगी।
