आधुनिकतम युग में पीपा पुल बनने की बात सुनकर आश्चर्य अवश्य होता होगा, लेक‍िन यह चकित करने वाली बात नहीं है, करीब एक लाख लोगों की प्रतिदिन की समस्या हल करने के लिए निकाली गई तरकीब है। जी हां, गंगा के इस पार के 43 गांवों के लोग ठीक सामने फतेहपुर जिले को देख तो सकते थे पर वहां जाने की खातिर 20 किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ता था। लंबे अर्से से चली आ रही इस समस्या को खत्म किया जा रहा है।

15 अप्रैल से इसी पुल से करीब एक लाख लोगों की सीधी पहुंच पड़ोसी जिले तक हो जाएगी। सबसे ज्यादा फायदा किसानों को होगा, जो अपनी उपज चंद दूरी पार कर फतेहपुर की मंडियों तक पहुंचा देंगे।

गंगा किनारे सरेनी, लालगंज, डलमऊ, दीनशाहगौरा, ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र आता है। इनमें सरेनी व लालगंज के लोग गेगासो पुल से आते जाते हैं। डलमऊ में भी पुल हाेने से आवागमन में परेशानी नहीं है। ऊंचाहार के लोग भी पूरे तीर में बने पुल से आते-जाते हैं।

दीनशाह गौरा क्षेत्र के लोग डलमऊ या फिर तीर का पुरवा से आते जाते हैं, लेकिन उनको लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। जिले के अंदर ही उन्हें 15 से 20 किमी की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही थी। करीब 43 ग्राम पंचायतों की एक लाख आबादी इससे प्रभावित थी। यही नहीं फतेहपुर से सब्जी जनपद की मंडियों में भी आती है। यहां के व्यापारी वहां की मंडियों में पहुंचते और वहां से सब्जी खरीदकर यहां लाकर बेचते हैं, यह प्रतिदिन का काम है।

ऐसे में दीनशाहगौरा क्षेत्र के व्यापारी पूरे तीर या फिर डलमऊ होकर ही आते जाते थे, कुछ व्यापारी नाव से भी आते-जाते थे। अब लोक निर्माण विभाग की ओर से गदागंज से सात किमी की दूरी पर भुरकुसापुर गंगा घाट पर एक करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से पीपा पुल का निर्माण कराया जा रहा है। गंगा नदी में इस समय दो धाराएं हैं, इनमें 47 पीपा पुल लग चुके हैं दूसरी धारा में अभी 10 पीपा पुल और लगने हैं। इसके बाद रेलिंग बनाकर इसे तैयार किया जाएगा।

पीपा पुल बनने से भुरकुसापुर घाट से सीधे लोग फतेहपुर जनपद के खालिसपुर पहुंचेंगे। यहां से सात किमी की दूरी पर शाहपुर रोड है। शाहपुर रोड से लोग फतेहपुर, खागा, कौशांबी के लिए भी आवागमन कर सकेंगे। इसके साथ ही सब्जी व्यापारी भी यहां से सीधे फतेहपुर जनपद की हथगांव समेत अन्य आसपास की मंडी से सब्जी खरीदकर कम समय में आ-जा सकेंगे।

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