उत्तर प्रदेश में सड़क निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला किया है। प्रदेश में करीब 3,095 करोड़ रुपये की लागत से 36 सड़कों के निर्माण की योजना है। इन परियोजनाओं के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी और आवागमन की सुविधाओं को बेहतर करने पर जोर दिया जाएगा।
राज्य में सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं पर लगातार काम किया जा रहा है। 2026-27 के बजट में भी सड़कों और पुलों के लिए पूंजीगत व्यय के तौर पर 38,592 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
36 सड़क परियोजनाओं पर खर्च होंगे 3095 करोड़
प्रस्तावित 36 सड़क परियोजनाओं पर कुल 3,095 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आई है। इन सड़कों के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों में आवागमन आसान होने के साथ स्थानीय कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी को विकास कार्यों की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई सड़कों और पुलों से जुड़ी प्राथमिकताओं को लेकर जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी की हैं।
कई बड़ी सड़क परियोजनाओं पर भी काम
उत्तर प्रदेश में राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाएं भी चल रही हैं। जुलाई 2026 में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 4,850 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली करीब 95 किलोमीटर लंबी तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया था।
इसके अलावा प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 60 हजार करोड़ रुपये की नई सड़क परियोजनाओं की घोषणा भी की गई थी, जिसमें जिला मुख्यालयों को फोरलेन से जोड़ने और बड़े शहरों में बाईपास विकसित करने की योजना शामिल है।
36 नई सड़क परियोजनाओं से जुड़े कार्यों के आगे बढ़ने के साथ संबंधित जिलों में सड़क नेटवर्क को बेहतर करने की दिशा में काम तेज होने की उम्मीद है।
